पटना: जिले से होकर बहने वाली नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण प्रभावित क्षेत्रों में जिला प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। जिलाधिकारी कुंदन कुमार के निर्देश पर सभी अनुमंडल पदाधिकारी, अंचलाधिकारी और संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी बाढ़ प्रभावित लोगों की सहायता और सुरक्षा में लगातार जुटे हुए हैं।
निचले और जलजमाव वाले इलाकों से लोगों को सुरक्षित निकालकर राहत शिविरों तक पहुंचाया जा रहा है। राहत शिविरों में प्रभावित परिवारों के लिए सामुदायिक रसोई, चिकित्सा सुविधा, आवश्यक दवाइयां, स्वच्छ पेयजल और शौचालय समेत अन्य जरूरी व्यवस्थाएं की गई हैं। प्रशासन ने पशुओं की सुरक्षा के लिए भी पशु चारा, शेड और चिकित्सा सुविधाओं का इंतजाम किया है।

कई इलाकों में राहत शिविर और सामुदायिक रसोई
जिले के बाढ़, दानापुर, पाटलिपुत्र, अथमलगोला, बख्तियारपुर और मोकामा अंचल समेत कई क्षेत्रों में राहत शिविर और सामुदायिक रसोई केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि प्रभावित लोगों को गुणवत्तापूर्ण भोजन, स्वच्छ पेयजल, चिकित्सा और अन्य आवश्यक सुविधाएं हर हाल में उपलब्ध कराई जाएं।
बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए जिले में 72 नावों का निःशुल्क संचालन किया जा रहा है। वहीं, SDRF की टीम 14 बोट के साथ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई है।

तटबंधों और क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत जारी
पानी के ओवरफ्लो और सीपेज से प्रभावित तटबंधों और सड़कों की मरम्मत का काम भी युद्धस्तर पर किया जा रहा है। पुनपुन, दरधा और महतमाइन नदी के आसपास कई स्थानों पर तटबंधों को मजबूत करने का कार्य जारी है। पालीगंज में जलस्तर कम होते ही क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत शुरू की जाएगी।
जिला प्रशासन बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने लोगों से सावधानी बरतने, अफवाहों से दूर रहने और घबराने से बचने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन प्रभावित लोगों की सहायता के लिए पूरी तरह तैयार है।
@MUSKAN KUMARI




