पटना: जन्माष्टमी के अवसर पर शुक्रवार को बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने युवाओं से नशे और अन्य गलत आदतों से दूर रहने की अपील की। इस्कॉन मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद उन्होंने युवाओं के बीच बढ़ते ड्रग्स और नशीले पदार्थों के चलन पर चिंता जताते हुए कहा कि युवाओं को अपना जीवन नशे की गिरफ्त में बर्बाद नहीं करना चाहिए।
स्वास्थ्य मंत्री ने युवाओं से पढ़ाई, समाज सेवा, भजन-कीर्तन और अन्य सकारात्मक कार्यों में मन लगाने की अपील की। उन्होंने कहा कि मनुष्य जीवन बेहद दुर्लभ है और इसे नशे तथा गलत आदतों में बर्बाद करने के बजाय जीवन को सार्थक बनाने की दिशा में प्रयास करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि “मन ही बंधन का कारण है” और जब व्यक्ति का मन गलत चीजों में उलझ जाता है तो उसका जीवन प्रभावित होता है। निशांत ने युवाओं को तपस्या का मार्ग अपनाने की सलाह देते हुए कहा कि तपस्या केवल आध्यात्मिक साधना तक सीमित नहीं है। पढ़ाई करना, परिवार और समाज के लिए अच्छे कार्य करना भी एक प्रकार की तपस्या है।
स्वास्थ्य मंत्री ने काम, क्रोध, लोभ और मोह से बचने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के पास आर्थिक संसाधन हैं, उन्हें केवल अपने ऊपर खर्च करने के बजाय जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए भी आगे आना चाहिए।

गुटखा और तंबाकू से कैंसर का बढ़ता खतरा
स्वास्थ्य मंत्री ने बिहार में बढ़ते कैंसर के मामलों पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि गुटखा और तंबाकू का सेवन कैंसर के प्रमुख कारणों में शामिल है। नशीले पदार्थों के सेवन से लीवर और किडनी समेत शरीर के कई महत्वपूर्ण अंग प्रभावित हो सकते हैं।
उन्होंने युवाओं से विशेष रूप से गुटखा, तंबाकू, शराब और अन्य नशीले पदार्थों से दूरी बनाने की अपील की। निशांत ने कहा कि यदि युवाओं के पास पैसा है तो उसे नशे पर खर्च करने के बजाय जरूरतमंद लोगों की मदद और अपने बेहतर भविष्य के निर्माण में लगाना चाहिए।
@MUSKAN KUMARI




