अपर पुलिस महानिदेशक (कमजोर वर्ग), बिहार, पटना के निर्देशानुसार और वरीय पुलिस अधीक्षक, पटना के मार्गदर्शन में गुमशुदा बच्चों की खोज और उनकी सुरक्षित बरामदगी के लिए राज्यभर में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में मंगलवार, 25 अगस्त को पटना जिले के पश्चिमी क्षेत्र अंतर्गत बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों (CWPO) के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला में पुलिस अधिकारियों को लापता बच्चों की त्वरित खोज, सटीक पहचान, सत्यापन और सुरक्षित बरामदगी सुनिश्चित करने की रणनीतियों से अवगत कराया गया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य बच्चों से जुड़े संवेदनशील मामलों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित और प्रभावी निस्तारण करना है।

कार्यशाला के दौरान बाल संरक्षण से जुड़े कानूनी प्रावधानों और मानव तस्करी निरोधक इकाई (AHTU) के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों को सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान और AHTU के साथ समन्वय कर अंतरजिला एवं अंतरराज्यीय मानव तस्करी के मामलों में प्रभावी कार्रवाई के तौर-तरीके बताए गए।
इस विशेष प्रशिक्षण से पुलिस अधिकारियों को जमीनी स्तर पर बाल अधिकारों की रक्षा करने और संवेदनशील मामलों को अधिक कुशलता से संभालने में मदद मिलेगी। जिला पुलिस का उद्देश्य हर गुमशुदा बच्चे को जल्द से जल्द खोजकर सुरक्षित उनके परिजनों तक पहुंचाना है।

पटना पुलिस प्रशासन ने कहा है कि कमजोर वर्गों और बच्चों की सुरक्षा के प्रति पुलिस पूरी तरह प्रतिबद्ध है। आने वाले दिनों में जिले के अन्य क्षेत्रों में भी बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों के लिए ऐसे विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि पुलिस बल की कार्यप्रणाली को और अधिक संवेदनशील और प्रभावी बनाया जा सके।
@MUSKAN KUMARI





