राजधानी पटना के जक्कनपुर थाना क्षेत्र स्थित बिहार स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (BUHS) के बाहर रिजल्ट में गड़बड़ी, परीक्षा में देरी और सत्र पिछड़ने को लेकर छात्रों का प्रदर्शन मंगलवार को भी जारी रहा। विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हो गई, जिसमें कुछ छात्र और पुलिसकर्मी घायल हो गए।
घायलों में जक्कनपुर थाना के SHO ऋतुराज सिंह, कॉन्स्टेबल जितेंद्र कुमार और कॉन्स्टेबल सुमन कुमारी शामिल हैं। हंगामे के दौरान आक्रोशित भीड़ ने सड़क से गुजर रही कई गाड़ियों के शीशे भी तोड़ दिए।

विश्वविद्यालय के एक कर्मचारी के अनुसार, करीब 600 की संख्या में पहुंचे छात्रों ने कैंपस में जमकर हंगामा किया। क्लासरूम से लेकर ऊपरी मंजिलों तक तोड़फोड़ की सूचना है। वहीं, प्रदर्शनकारी छात्रों ने पुलिस पर लाठीचार्ज का आरोप लगाते हुए कहा कि वे अपनी जायज मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन उनकी बात सुनने के बजाय बल प्रयोग किया गया।
यूनिवर्सिटी कैंपस के अलावा गांधी मैदान में भी मेडिकल, पैरामेडिकल, ANM और GNM के छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। छात्रों का आरोप है कि उनका शैक्षणिक सत्र करीब तीन साल पीछे चल रहा है और फीस में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जिससे उनके भविष्य पर संकट पैदा हो गया है।

पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ के अध्यक्ष शंतनु शेखर भी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे और छात्रों की मांगों का समर्थन किया। उन्होंने समाधान होने तक छात्रों के संघर्ष के साथ खड़े रहने की बात कही।
पारा मेडिकल एसोसिएशन ऑफ बिहार के प्रदेश अध्यक्ष भारत भूषण ने मांग की है कि 0.5 से लेकर 5 अंकों से अनुत्तीर्ण हुए छात्रों को नियमानुसार ग्रेस अंक देकर पास किया जाए। उन्होंने छात्रों को RTI के माध्यम से अपनी उत्तर पुस्तिकाएं देखने की सलाह भी दी। साथ ही निजी कॉलेजों की कार्यप्रणाली की उच्चस्तरीय जांच की मांग उठाई गई।
घटना के बाद विश्वविद्यालय परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। भारी पुलिस बल तैनात है और अधिकारी प्रदर्शनकारी छात्रों को समझाकर स्थिति सामान्य करने का प्रयास कर रहे हैं।
@MUSKAN KUMARI





