भोजपुर जिले के जवैनिया गांव में शनिवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब बोल्डर पिचिंग कार्य का निरीक्षण करने जा रहे जिलाधिकारी मनेष कुमार मीणा को विस्थापित ग्रामीणों ने दामोदरपुर बांध के पास घेर लिया। सैकड़ों ग्रामीणों ने सड़क जाम कर अपनी मांगों को लेकर विरोध जताया।
ग्रामीणों का आरोप है कि कटाव के कारण बेघर होने के बाद जवैनिया गांव के सैकड़ों परिवार पिछले एक साल से अधिक समय से दामोदरपुर बांध पर रहने को मजबूर हैं। उनका कहना है कि अब तक उन्हें पुनर्वास के लिए जमीन उपलब्ध नहीं कराई गई है और बुनियादी सुविधाएं भी नहीं मिल रही हैं।
ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए डीएम ने अपनी गाड़ी रुकवाई और खुद उनके बीच पहुंच गए। उन्होंने सड़क पर ही पीड़ित परिवारों और महिलाओं की समस्याएं सुनीं और उनकी शिकायतों को गंभीरता से नोट किया।

डीएम ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि पुनर्वास और जमीन से जुड़ी उनकी मांगों पर प्राथमिकता के आधार पर उचित प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने सड़क से जाम हटा लिया।
घटना के दौरान डीएम का ग्रामीणों के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुनना चर्चा का विषय बना रहा। प्रशासन की ओर से अब विस्थापित परिवारों की पुनर्वास संबंधी समस्याओं के समाधान की दिशा में कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।
@MUSKAN KUMARI





