स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कांग्रेस मुख्यालय ‘इंदिरा भवन’ में आयोजित समारोह के दौरान ‘वंदे मातरम’ के पूरे संस्करण के गायन को लेकर विवाद खड़ा हो गया। कार्यक्रम में पहले राष्ट्रगीत के शुरुआती दो अंतरे गाए जाने की बात कही गई थी, लेकिन समारोह के दौरान पूरा ‘वंदे मातरम’ गाया गया।
इसी दौरान कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के एक इशारे को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई। कार्यक्रम के वीडियो में उन्हें गायन के दौरान कुछ संकेत करते हुए देखा गया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर कई तरह के दावे किए गए।
कांग्रेस ने इन दावों को खारिज करते हुए सफाई दी कि सोनिया गांधी का इशारा ‘वंदे मातरम’ का गायन रोकने से संबंधित नहीं था। पार्टी के मुताबिक, उस समय पीछे कुछ हलचल हो रही थी और सोनिया गांधी पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के लिए कुर्सी की व्यवस्था सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही थीं। कांग्रेस ने कहा कि खड़गे काफी देर से खड़े थे।

समारोह में मल्लिकार्जुन खड़गे ने तिरंगा फहराया और राहुल गांधी समेत कई कांग्रेस नेता मौजूद रहे। पार्टी ने स्पष्ट किया कि सोनिया गांधी की गतिविधि का राष्ट्रगीत से कोई संबंध नहीं था और वह कार्यक्रम की व्यवस्था सुचारू रखने की कोशिश कर रही थीं।
वहीं, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में लाल किले पर आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल नहीं हुए। सूत्रों के अनुसार, दोनों नेताओं के लिए उचित सीटिंग व्यवस्था नहीं होने के कारण उन्होंने समारोह से दूरी बनाई।
@MUSKAN KUMARI





