जाम हटाने को लेकर शुरू हुआ विवाद अब पुलिस और अधिवक्ताओं के बीच टकराव में बदल गया है। मामले में महिला दरोगा और एक सिपाही के साथ कथित मारपीट की जांच चल रही है। वहीं, बीच-बचाव करने पहुंचे एक अधिवक्ता को भी मामले में आरोपी बनाए जाने की बात सामने आ रही है।
अधिवक्ता के समर्थकों का दावा है कि उनके साथी को जानबूझकर मामले में फंसाया जा रहा है। समर्थकों ने सवाल उठाया कि आखिर अधिवक्ता ने ऐसा कौन-सा अपराध किया है कि उन्हें थाने में बंद कर दिया गया।

फिलहाल पुलिस और अधिवक्ता पक्ष आमने-सामने हैं। एक ओर महिला दरोगा और सिपाही के साथ कथित मारपीट की जांच हो रही है, तो दूसरी ओर अधिवक्ता पक्ष कार्रवाई का विरोध कर रहा है।
अब जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि जाम हटाने को लेकर शुरू हुआ विवाद हाथापाई तक कैसे पहुंचा, मारपीट की शुरुआत किसने की और पूरे घटनाक्रम में किसकी क्या भूमिका रही। पुलिस दोनों पक्षों के आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।
@MUSKAN KUMARI






