बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार के निवेश संबंधी दावों पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। तेजस्वी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए आरोप लगाया कि जिस कंपनी की कुल पूंजी महज 11 लाख रुपये है, वह बिहार में 22,500 करोड़ रुपये के निवेश का दावा कैसे कर सकती है।
तेजस्वी के मुताबिक, बिहार सरकार ने उद्योग विभाग और विभिन्न औद्योगिक समूहों के बीच करीब 51,500 करोड़ रुपये के निवेश के लिए MoU किए जाने का प्रचार किया है। उन्होंने सवाल उठाया कि 2024, 2025 और उससे पहले हुए दो लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश समझौतों की प्रगति रिपोर्ट सरकार सार्वजनिक क्यों नहीं कर रही है।
तेजस्वी ने दावा किया कि 22,500 करोड़ रुपये के निवेश वाली कंपनी की स्थापना 25 फरवरी 2026 को हुई और उसके पास केवल 11 लाख रुपये की कुल पूंजी है। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि इतनी कम पूंजी वाली कंपनी अचानक हजारों करोड़ रुपये का निवेश कैसे करेगी।

उन्होंने सरकार पर ‘कागजी कंपनियों’ के जरिए निवेश के नाम पर जमीन और सब्सिडी देने की आशंका भी जताई। तेजस्वी ने कहा कि बड़ी और वास्तविक कंपनियां बिहार में निवेश करें तो विपक्ष उनका स्वागत और सहयोग करेगा, लेकिन कागजी कंपनियों के जरिए राज्य के संसाधनों के दुरुपयोग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
तेजस्वी ने सरकार से पुराने MoU की प्रगति रिपोर्ट सार्वजनिक करने और निवेश के दावों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
@MUSKAN KUMARI






