18 साल से अटकी लाइब्रेरियन बहाली पर गरमाई सियासत, भाजपा कार्यालय के बाहर प्रदर्शन; शिक्षा मंत्री ने दिया बड़ा आश्वासन

पटना: बिहार में पिछले 18 वर्षों से लंबित लाइब्रेरियन बहाली की मांग को लेकर बुधवार को अभ्यर्थियों और छात्र नेताओं ने पटना स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के पहुंचते ही प्रदर्शनकारियों ने उनका घेराव किया और जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग उठाई। इस दौरान अभ्यर्थियों ने नारेबाजी करते हुए सरकार से लंबित बहाली पर तत्काल निर्णय लेने की मांग की।

प्रदर्शन के बाद शिक्षा मंत्री ने अभ्यर्थियों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि लाइब्रेरियन बहाली सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है और इसे जल्द आगे बढ़ाया जाएगा।

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मिथिलेश तिवारी ने बताया कि शिक्षा विभाग के अधिकारियों को पूरे राज्य में रिक्त लाइब्रेरियन पदों का ब्योरा जुटाने और नई नियमावली तैयार कर सरकार को भेजने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा कि नई नियमावली लागू होने के बाद न केवल नई बहाली की प्रक्रिया शुरू होगी, बल्कि पहले से कार्यरत लाइब्रेरियन की ट्रांसफर-पोस्टिंग भी की जाएगी।

प्रदर्शन के दौरान लगे नारों को लेकर शिक्षा मंत्री ने कहा कि उनके खिलाफ मुर्दाबाद के नारे नहीं लगे, बल्कि उनके समर्थकों ने जिंदाबाद के नारे लगाए। उन्होंने कहा कि मंत्री बने उन्हें अभी करीब डेढ़ महीना ही हुआ है और विभाग में लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जा रहा है।

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वहीं, छात्र नेता विकेश्वर ने दावा किया कि शिक्षा मंत्री ने एक महीने के भीतर लाइब्रेरियन बहाली से जुड़ा प्रस्ताव कैबिनेट से मंजूर कराकर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी कराने का आश्वासन दिया है। छात्र नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि तय समय के भीतर अधिसूचना जारी नहीं हुई, तो पूरे बिहार में चरणबद्ध और व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा।

गौरतलब है कि बिहार में लाइब्रेरियन की नियमित बहाली करीब 18 वर्षों से लंबित है, जिसे लेकर अभ्यर्थी लगातार सरकार से भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग कर रहे हैं।

@MUSKAN KUMARI

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Author: NCRLOCALDESK

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