नई दिल्ली: जुलाई महीने की शुरुआत आम लोगों के लिए राहत भरी खबर लेकर आई है। निजी ईंधन कंपनी नायरा एनर्जी (Nayara Energy) ने पेट्रोल की कीमत में 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत में 3 रुपये प्रति लीटर की कटौती की है। नई दरें 1 जुलाई 2026 से लागू हो गई हैं। हालांकि, सरकारी तेल कंपनियों ने फिलहाल अपनी कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है।
जानकारी के मुताबिक, पिछले दो वर्षों से अधिक समय में यह पहला अवसर है जब किसी ईंधन कंपनी ने खुदरा स्तर पर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी की है। कंपनी का यह फैसला अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट के बाद लिया गया है। माना जा रहा है कि मध्य-पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव कम होने और वैश्विक स्तर पर क्रूड ऑयल के दाम नरम पड़ने से इसका असर घरेलू ईंधन बाजार पर भी दिखने लगा है।

नायरा एनर्जी, जिसे रूस की रोसनेफ्ट का समर्थन प्राप्त है, हाल ही में भारत में 7,000 से अधिक पेट्रोल पंपों का नेटवर्क स्थापित कर देश की सबसे बड़ी निजी ईंधन रिटेलर बन चुकी है। कंपनी ने अपने सभी आउटलेट्स पर संशोधित कीमतें लागू कर दी हैं। हालांकि, अलग-अलग राज्यों में वैट (VAT) और अन्य स्थानीय करों के कारण अंतिम खुदरा कीमतों में कुछ अंतर हो सकता है।

दूसरी ओर, सरकारी तेल विपणन कंपनियां इंडियन ऑयल (IOC), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) ने फिलहाल पेट्रोल और डीजल के दामों में कोई बदलाव नहीं किया है। देश के 90 प्रतिशत से अधिक पेट्रोल पंप इन्हीं सरकारी कंपनियों के अधीन संचालित होते हैं, इसलिए अधिकांश उपभोक्ताओं के लिए कीमतें फिलहाल पहले जैसी ही बनी हुई हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी का रुख जारी रहता है और वैश्विक परिस्थितियां अनुकूल बनी रहती हैं, तो आने वाले दिनों में अन्य तेल कंपनियां भी ईंधन की कीमतों में कटौती कर उपभोक्ताओं को राहत दे सकती हैं।
!MUSKAN KUMARI






