बोधगया।
विश्व प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु और ईशा फाउंडेशन के संस्थापक सद्गुरु जग्गी वासुदेव ने सोमवार को आषाढ़ पूर्णिमा के अवसर पर विश्व धरोहर महाबोधि मंदिर पहुंचकर भगवान बुद्ध को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने बुद्ध के ज्ञान, करुणा, जागरूकता और मानव कल्याण के सार्वभौमिक संदेश को आत्मसात करने का आह्वान किया।
महाबोधि महाविहार पहुंचने पर सद्गुरु का स्वागत मुख्य भिक्षु वेनरेबल भिक्खु चालिंदा, बोधगया मंदिर प्रबंधन समिति की सचिव डॉ. महाश्वेता महारथी और समिति के सदस्य डॉ. अरविंद सिंह ने किया। इसके बाद उन्होंने मुख्य गर्भगृह में भगवान बुद्ध को पुष्प अर्पित किए, दीप प्रज्ज्वलित किया और श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना की। इस दौरान स्थानीय भिक्षुओं ने पवित्र बौद्ध सुत्तों का पाठ किया, जिससे मंदिर परिसर आध्यात्मिक वातावरण से गूंज उठा।

बाद में सद्गुरु ने पवित्र बोधि वृक्ष के नीचे भिक्षुओं, बौद्ध लामाओं और जापान से आए प्रतिनिधियों के साथ संवाद किया। चर्चा के दौरान विश्व शांति, अंतर-धार्मिक सद्भाव, पर्यावरण संरक्षण, आंतरिक चेतना और मानव कल्याण जैसे विषयों पर विचार साझा किए गए।
महाबोधि मंदिर की आगंतुक पुस्तिका में सद्गुरु ने लिखा, “बुद्ध प्रकाश हैं। प्रकाश की पूजा नहीं की जाती, उसे आत्मसात किया जाता है। उनके प्रकाश से आपका जीवन आलोकित हो।” कार्यक्रम के अंत में मंदिर प्रबंधन समिति ने उन्हें महाबोधि मंदिर की प्रतिकृति और स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।
@MUSKAN KUMARI





