राजगीर के मलमास मेले में दो दलित युवकों की कथित मॉब लिंचिंग का मामला अब राजनीतिक तूल पकड़ता जा रहा है। इस घटना को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने बिहार सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए आरोप लगाया कि झूठे आरोप के आधार पर दो युवकों की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई और प्रदेश में अपराधियों के मन से कानून का भय खत्म हो गया है।
राजद ने अपने फेसबुक पोस्ट में दावा किया कि मलमास मेले में पिंटू पासवान और श्रवण कुमार से कथित तौर पर पहले उनकी जाति पूछी गई, फिर उन पर चोरी का झूठा आरोप लगाकर बेरहमी से पीटा गया, जिससे उनकी मौत हो गई। पार्टी ने उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि सरकार के बड़े-बड़े दावों के बावजूद अपराधी बेखौफ होकर वारदात को अंजाम दे रहे हैं।

पुलिस के अनुसार, यह घटना 15 जून 2026 को राजगीर थाना क्षेत्र के झूनूकिया बाबा के पास हुई थी। दोनों युवक मलमास मेला घूमने गए थे। इसी दौरान भीड़ ने उन पर चोरी का आरोप लगाया, उन्हें पकड़कर बांध दिया और कथित तौर पर उनकी पिटाई की। गंभीर रूप से घायल दोनों युवकों को पहले स्थानीय अस्पताल और बाद में पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
मृतकों की पहचान दीपनगर थाना क्षेत्र के गंजपर गांव निवासी 22 वर्षीय पिंटू कुमार उर्फ पिंटू पासवान और 21 वर्षीय श्रवण कुमार के रूप में हुई है।
वहीं, पीड़ित परिवारों और कुछ राजनीतिक दलों का आरोप है कि युवकों की जाति पूछने के बाद उन पर झूठा चोरी का आरोप लगाया गया और फिर भीड़ ने उनकी पीट-पीटकर हत्या कर दी। दूसरी ओर, पुलिस का कहना है कि मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। घटना को लेकर प्रदेश की राजनीति भी तेज हो गई है।
@MUSKAN KUMARI






