बंजरिया प्रखंड कार्यालय स्थित सभागार में विकास और कृषि सुधार के उद्देश्य से आयोजित खरीफ महाअभियान सह किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम उस समय विवादों में घिर गया, जब मंच पर मौजूद दो जनप्रतिनिधियों के बीच कहासुनी गाली-गलौज और हाथापाई तक पहुंच गई। देखते ही देखते सरकारी कार्यक्रम का माहौल तनावपूर्ण हो गया और सभागार में अफरा-तफरी मच गई।
जानकारी के अनुसार, कार्यक्रम के दौरान स्थानीय प्रखंड प्रमुख और पंचायत समिति सदस्य के बीच पहले हल्की नोकझोंक हुई, जो धीरे-धीरे तीखी बहस में बदल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पुराने राजनीतिक मतभेद और चुनावी खर्च को लेकर शुरू हुई चर्चा ने विवाद का रूप ले लिया। आरोप-प्रत्यारोप के बीच दोनों पक्षों ने मंच पर ही मर्यादा की सीमाएं लांघ दीं।
घटना के दौरान मौजूद अधिकारी, किसान और आम लोग स्थिति देखकर हैरान रह गए। वायरल हो रहे वीडियो में मंच पर धक्का-मुक्की और हंगामे की स्थिति साफ दिखाई दे रही है। विवाद बढ़ने के बाद सभागार में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कार्यक्रम की गरिमा पूरी तरह प्रभावित हुई।

सूचना मिलते ही 112 आपातकालीन पुलिस टीम मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया। दोनों पक्षों को थाने ले जाकर पूछताछ की गई। बाद में सीओ रोहन रंजन सिंह और थानाध्यक्ष अमित कुमार की मौजूदगी में पंचायत स्तर पर समझौता वार्ता कराई गई।
हालांकि प्रशासन ने मामले को शांत करा दिया है, लेकिन सरकारी कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों के इस आचरण ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। खरीफ प्रशिक्षण जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम में हुई यह घटना अब पूरे जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है।
@MUSKAN KUMARI






