भोजपुर: भोजपुरी फिल्म एवं संगीत जगत के चर्चित गायक राकेश मिश्रा ने भोजपुर जिले के बिलौटी गांव पहुंचकर पुलिस मुठभेड़ में मारे गए भरत भूषण तिवारी के परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने शोक संतप्त परिवार को सांत्वना देते हुए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। राकेश मिश्रा ने कहा कि भरत तिवारी समाज के शोषित, वंचित और बाढ़ प्रभावित लोगों की आवाज उठाते रहे थे तथा स्थानीय समस्याओं को लगातार सामने लाते थे।
उन्होंने कहा कि भरत तिवारी की मौत को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि भरत तिवारी ने आत्मसमर्पण कर दिया था, इसके बावजूद पुलिस ने उन्हें गोली मार दी। राकेश मिश्रा ने कहा कि यदि ऐसा हुआ है तो पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। उनके गांव पहुंचने से पीड़ित परिवार को भावनात्मक संबल मिला, वहीं ग्रामीणों ने भी उनके इस कदम की सराहना की।

क्या है भरत तिवारी प्रकरण?
भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव निवासी भरत भूषण तिवारी की 17 जून को पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई के दौरान मौत हो गई थी। पुलिस का दावा है कि कार्रवाई के दौरान भरत तिवारी ने बंदूक दिखाई थी, जिसके जवाब में पुलिस ने गोली चलाई। वहीं परिजनों, ग्रामीणों और कई सामाजिक संगठनों का आरोप है कि भरत तिवारी ने आत्मसमर्पण कर दिया था, लेकिन इसके बावजूद उन्हें गोली मार दी गई। घटना के बाद राज्यभर में विरोध-प्रदर्शन हुए और निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई।
न्यायिक जांच के आदेश
मामले को लेकर बढ़ते विवाद और जनदबाव के बीच बिहार सरकार ने भरत तिवारी प्रकरण की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। सरकार के अनुसार, एक सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की निगरानी में पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जाएगी, ताकि घटना की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाया जा सके।
@MUELLER NAMASTE






