बिहार में बढ़ते अपराध और कानून-व्यवस्था की चुनौतियों के बीच पुलिस मुख्यालय ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। राज्य के 217 थानों को अपग्रेड कर इंस्पेक्टर श्रेणी में शामिल किया गया है, जिससे इंस्पेक्टर कोटि के थानों की संख्या 208 से बढ़कर 425 हो गई है। इस बदलाव के तहत सारण प्रमंडल के 43 थानों की जिम्मेदारी अब इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारियों को सौंपी जाएगी।
सारण जिले के गरखा, दरियापुर, बनियापुर, मशरक, दिघवारा, मांझी, एकमा, परसा और तरैया समेत कई महत्वपूर्ण थाने नई श्रेणी में शामिल किए गए हैं। वहीं सिवान के 15 और गोपालगंज के 12 थानों को भी अपग्रेड किया गया है। पुलिस मुख्यालय का मानना है कि जिन थानों में सालाना 350 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज होते हैं, वहां अनुभवी अधिकारियों की तैनाती से अपराध नियंत्रण, जांच और निगरानी व्यवस्था अधिक प्रभावी होगी।

डीजीपी विनय कुमार के अनुसार इस कदम का उद्देश्य कानून का राज मजबूत करना और अपराधियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि इससे गंभीर मामलों की जांच में तेजी आएगी, लंबित मामलों का बेहतर निपटारा होगा और आम लोगों की शिकायतों पर जल्द कार्रवाई संभव हो सकेगी। अब देखना होगा कि यह प्रशासनिक बदलाव जमीनी स्तर पर अपराध के ग्राफ को कितना कम कर पाता है और जनता को कितनी राहत दिला पाता है।
@MUSKAN KUMARI






