सीवान: बिहार के सीवान सदर अस्पताल (मॉडल अस्पताल) से मानवता को झकझोर देने वाली एक दर्दनाक तस्वीर सामने आई है। शनिवार रात इलाज के दौरान एक मरीज की मौत के बाद परिजनों को शव ले जाने के लिए न तो एंबुलेंस मिली और न ही अस्पताल की ओर से कोई मदद। मजबूर होकर मृतक की मां को अपने बेटे के शव को ठेले पर लादकर घर ले जाना पड़ा।
मृतक की पहचान शहर के मौली के बथान निवासी विक्की कुमार के रूप में हुई है। परिजनों का आरोप है कि मौत के बाद अस्पताल प्रशासन ने शव को घर पहुंचाने के लिए कोई व्यवस्था नहीं की। इतना ही नहीं, शव को वार्ड से बाहर लाने के लिए स्ट्रेचर तक उपलब्ध नहीं कराया गया। अपनों को खोने के गम में डूबे परिजनों ने आखिरकार एक हाथ-ठेले का सहारा लिया।
जब रोती-बिलखती मां अपने बेटे के शव को ठेले पर लेकर अस्पताल से बाहर निकली, तब वहां मौजूद लोगों और मीडियाकर्मियों की नजर उन पर पड़ी। मां ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रशासन की ओर से उन्हें कोई सहायता नहीं दी गई। इस मार्मिक दृश्य ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया।
हाल ही में बेहतर सुविधाओं और आधुनिक व्यवस्था के दावों के साथ ‘मॉडल अस्पताल’ का दर्जा पाने वाले सीवान सदर अस्पताल की इस घटना ने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की हकीकत उजागर कर दी है। स्थानीय लोगों और पीड़ित परिवार ने मामले में जिम्मेदार डॉक्टरों और अस्पताल कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
@MUSKAN KUMARI





