पटना: बिहार में कृषि और ग्रामीण विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की मौजूदगी में पटना स्थित लोकसेवक आवास में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में किसानों की आय बढ़ाने, कृषि क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने को लेकर व्यापक चर्चा हुई।
बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि किसानों को केवल पारंपरिक खेती तक सीमित न रखकर आधुनिक तकनीक, बेहतर बाजार और आर्थिक सुरक्षा से जोड़ा जाए। किसानों को उनकी उपज का उचित और लाभकारी मूल्य दिलाने के लिए विशेष रणनीति तैयार करने पर भी विचार किया गया।
महिला सशक्तिकरण के तहत राज्य की ‘जीविका दीदियों’ को आर्थिक रूप से और मजबूत बनाने के लिए विभिन्न योजनाओं पर चर्चा हुई। सरकार का मानना है कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में महिलाओं की भूमिका बेहद अहम है।

बैठक में एकीकृत खेती मॉडल को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया, जिसके तहत किसान पशुपालन, मत्स्य पालन, बागवानी और अन्य कृषि गतिविधियों के माध्यम से आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित कर सकेंगे। इसके अलावा ड्रोन तकनीक, स्मार्ट खेती, उन्नत बीज और डिजिटल कृषि सेवाओं के विस्तार को लेकर भी रणनीति पर चर्चा की गई।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना जैसी केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की प्रभावशीलता बढ़ाने पर भी विचार-विमर्श हुआ।
सरकार का लक्ष्य किसानों को आत्मनिर्भर बनाना, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करना और बिहार को कृषि विकास के नए मॉडल के रूप में स्थापित करना है।
@MUSKAN KUMARI





