पटना। बिहार में भर्ती परीक्षाओं की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) द्वारा 10 जून 2026 को आयोजित गृह रक्षा वाहिनी में अधीनस्थ लिपिक पद की भर्ती परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने का मामला सामने आया है। इस संबंध में नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोप है कि परीक्षा केंद्र के भीतर ही सुनियोजित तरीके से प्रश्नपत्र की गोपनीयता भंग कर उसे सोशल मीडिया पर वायरल किया गया।
मामले में केंद्राधीक्षक सह उच्च माध्यमिक विद्यालय चिटकोली रजौली के शिक्षक गणेश पासवान, उच्च माध्यमिक विद्यालय अकबरपुर के शिक्षक अजय कुमार और वीक्षक अनुष्का रानी को नामजद आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने शिक्षक अजय कुमार को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है।
प्राथमिकी के अनुसार, द दीक्षा पब्लिक स्कूल, केंद्र संख्या-1412 पर तैनात स्टैटिक दंडाधिकारी सह प्रेक्षक ईश्वर प्रसाद ने परीक्षा के दौरान कई संदिग्ध गतिविधियां देखीं। परीक्षा शुरू होने से पहले एक बाहरी व्यक्ति बिना किसी वैध पहचान पत्र के केंद्र के अंदर घूमता मिला। उसने खुद को केंद्राधीक्षक का सहयोगी बताया था। बाद में आयोग की ओर से प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर वायरल होने की सूचना मिलने के बाद सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई। जांच में पाया गया कि परीक्षा के दौरान एक कमरे से प्रश्न पुस्तिकाएं बाहर ले जाई गईं और करीब दस मिनट बाद वापस रख दी गईं। आशंका है कि इसी दौरान प्रश्नपत्र की तस्वीरें लेकर उन्हें वायरल किया गया।

इधर, नवादा जिले में 14 जून 2026 को आयोजित सिपाही भर्ती परीक्षा में भी बड़े पैमाने पर गड़बड़ी और नकल कराने का मामला सामने आया है। इस संबंध में 15 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है, जिनमें से पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
पुलिस के अनुसार, परीक्षा केंद्रों के आसपास सक्रिय एक गिरोह परीक्षार्थियों तक हल किए गए प्रश्नपत्र और अन्य गोपनीय जानकारियां पहुंचाने की कोशिश कर रहा था। जांच के दौरान परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में कई संदिग्ध गतिविधियां सामने आई हैं। केंद्राधीक्षक द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत में कहा गया है कि कुछ कमरों तक बाहर से चिट-पुर्जे पहुंचाए जाने की सूचना मिली थी। बाद में परीक्षा केंद्र के पास से फटे हुए चिट-पुर्जे भी बरामद किए गए, जिनमें प्रश्नों के उत्तर लिखे हुए थे।
आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच में कई परीक्षार्थियों के नाम, रोल नंबर, सेट कोड और परीक्षा से जुड़ी गोपनीय जानकारियों की तस्वीरें मिली हैं। इससे बड़े स्तर पर साजिश रचे जाने की आशंका और गहरा गई है। इस मामले में जैमर सेंटर संचालक बिपिन कुमार, बायोमेट्रिक ऑपरेटर रोहित कुमार उर्फ मुरारी, सहयोगी मनीष कुमार, बायोमेट्रिक कर्मी विकास कुमार, कुणाल कुमार तथा कथित मास्टरमाइंड रोशन कुमार समेत कई लोगों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ते हुए मामले की गहन जांच में जुटी है।
@MUSKAN KUMARI






