आरा। भोजपुर जिले के तरारी प्रखंड के देवचंदा गांव के निवासी गोवर्धन कुमार ने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनकर पूरे बिहार का नाम रोशन किया है। 13 जून 2026 को भारतीय सैन्य अकादमी (IMA), देहरादून से पासआउट होने के बाद उन्होंने भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में कदम रखा। उनकी इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया कि मजबूत इरादों और कठिन परिश्रम के आगे आर्थिक अभाव और विपरीत परिस्थितियां भी बाधा नहीं बन सकतीं।
गोवर्धन कुमार ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की प्रतिष्ठित संयुक्त रक्षा सेवा (CDS) परीक्षा पहले ही प्रयास में उत्तीर्ण की। खास बात यह रही कि उन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद सेल्फ स्टडी के माध्यम से यह सफलता हासिल की।
उनके पिता विश्वकसेन सिंह आरा में एक छोटी स्टेशनरी दुकान चलाते हैं, जबकि माता सुमन देवी आंगनबाड़ी सेविका हैं। परिवार की सीमित आय के बावजूद माता-पिता ने बेटे की शिक्षा और सपनों को पूरा करने में कोई कमी नहीं आने दी।

गोवर्धन ने सैनिक स्कूल, रीवा से प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की और एचडी जैन कॉलेज, आरा से स्नातक की पढ़ाई पूरी की। इसी दौरान उन्होंने CDS परीक्षा की तैयारी शुरू की और पहले ही प्रयास में सफलता हासिल की। जनवरी 2025 में IMA में प्रवेश लेने के बाद डेढ़ वर्ष के कठिन प्रशिक्षण को पूरा कर वह भारतीय सेना में अधिकारी बने।
उल्लेखनीय है कि उनका चयन UPSC Central Armed Police Forces (Assistant Commandant) 2024 में भी हुआ था, लेकिन उन्होंने सेना में अधिकारी बनने के अपने सपने को प्राथमिकता दी।
गोवर्धन कुमार का मानना है कि अनुशासन, धैर्य और सकारात्मक सोच सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है। उनकी उपलब्धि आज भोजपुर ही नहीं, बल्कि पूरे बिहार के युवाओं के लिए प्रेरणा और संघर्ष से सफलता तक पहुंचने की मिसाल बन गई है।
@MUSKAN KUMARI






