पटना। बिहार विधान परिषद की 10 सीटों के लिए होने वाले चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। 8 जून को नामांकन की अंतिम तिथि है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने अपने सभी नौ उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दिया है, जबकि महागठबंधन की ओर से राष्ट्रीय जनता दल (राजद) अब तक अपने एकमात्र उम्मीदवार के नाम पर अंतिम फैसला नहीं कर पाया है।
243 सदस्यीय बिहार विधानसभा में मौजूदा संख्या बल के आधार पर 10 में से नौ सीटों पर एनडीए उम्मीदवारों की जीत लगभग तय मानी जा रही है, जबकि एक सीट महागठबंधन के खाते में जाने की संभावना है। इसी को देखते हुए एनडीए ने समय रहते अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर चुनावी तस्वीर काफी हद तक साफ कर दी है।
भारतीय जनता पार्टी ने चार उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है। इनमें भोजपुरी अभिनेता और गायक पवन सिंह, भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया सह-प्रमुख संजय मयूख, वरिष्ठ नेता अनिल कुमार ठाकुर और शीला पंडित शामिल हैं। वहीं जनता दल (यूनाइटेड) ने निशांत कुमार, भारती मेहता, शिवरानी देवी प्रजापति और ललन प्रसाद को उम्मीदवार बनाया है।
इसके अलावा लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने एक सीट पर कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्ष अशरफ अंसारी को उम्मीदवार बनाया है। पार्टी की ओर से जारी पत्र के अनुसार केंद्रीय संसदीय बोर्ड ने विचार-विमर्श के बाद उनके नाम पर अंतिम मुहर लगाई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
दूसरी ओर, महागठबंधन में उम्मीदवार चयन को लेकर अब भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। विधानसभा में संख्या बल के आधार पर राजद एक सीट जीतने की स्थिति में है, लेकिन पार्टी अब तक अपने प्रत्याशी के नाम की घोषणा नहीं कर सकी है। सूत्रों के अनुसार कई नामों पर मंथन चल रहा है और अंतिम निर्णय राजद नेता तेजस्वी यादव को लेना है।
इस बीच बिहार सरकार में मंत्री और भाजपा नेता दीपक प्रकाश को विधान परिषद भेजे जाने की चर्चाओं के बीच भी राजनीतिक अटकलों का दौर जारी है। हालांकि एनडीए की सूची लगभग पूरी हो जाने के बाद उनके नाम को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है।
नामांकन की अंतिम तिथि नजदीक आने के साथ अब सभी की निगाहें राजद के उम्मीदवार और चुनावी प्रक्रिया पर टिकी हुई हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मौजूदा संख्या बल को देखते हुए चुनाव परिणामों में किसी बड़े उलटफेर की संभावना बेहद कम है।
@MUSKAN KUMARI





