बिहार के नालंदा जिले से एक बेहद चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां स्कूल में परोसे गए मिड-डे मील को खाने के बाद 50 से अधिक बच्चे अचानक बीमार पड़ गए। यह घटना नारनौसा प्रखंड के मध्य विद्यालय कोला की है, जहां 20 मई 2026 को बच्चों को छोले-चावल परोसा गया था। खाना खाने के कुछ ही देर बाद बच्चों को उल्टी, पेट दर्द, चक्कर और बेचैनी की शिकायत होने लगी।
स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि कई बच्चे स्कूल परिसर में ही बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़े। घटना के बाद स्कूल में अफरा-तफरी मच गई और सूचना मिलते ही अभिभावक स्कूल पहुंच गए। कई माता-पिता अपने बच्चों को गोद में उठाकर अस्पताल की ओर भागते नजर आए।
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन तुरंत सक्रिय हो गया। हिलसा एसडीओ, जिला शिक्षा पदाधिकारी और शिक्षा विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी अस्पताल पहुंचे और इलाज की व्यवस्था का जायजा लिया। डॉक्टरों की टीम लगातार बच्चों की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। फिलहाल सभी बच्चों का इलाज जारी है।

इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी ने प्रभारी प्राथमिकाध्यापिका रजनी कुमारी को 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया है। विभाग की ओर से कहा गया है कि मिड-डे मील योजना के संचालन में गंभीर लापरवाही बरती गई और बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर उदासीनता दिखाई गई।
प्रारंभिक जांच में भोजन की गुणवत्ता जांच में लापरवाही की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि बच्चों की शुरुआती शिकायतों को भी गंभीरता से नहीं लिया गया, जिसके कारण स्थिति बिगड़ गई। घटना के बाद पूरे जिले में मिड-डे मील की गुणवत्ता जांच के लिए विशेष निर्देश जारी किए गए हैं।
इस घटना के बाद अभिभावकों में भारी नाराजगी है। लोगों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा है कि बच्चों की जिंदगी के साथ किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती।
@MUSKAN KUMARI





