बिहार के खगड़िया जिले के रामचंद्रा मोहल्ले से मानवता को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। आर्थिक तंगी से जूझ रही एक महिला अपने पति के शव के साथ तीन दिनों तक घर में बैठी रही क्योंकि उसके पास अंतिम संस्कार कराने के लिए पैसे नहीं थे। मामला सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन और नगर परिषद ने संज्ञान लिया।
जानकारी के अनुसार, अनीता देवी के पति मन्नू साह लंबे समय से लिवर कैंसर से पीड़ित थे। इलाज में परिवार की पूरी जमा-पूंजी खर्च हो गई और तीन दिन पहले उनकी मृत्यु हो गई। संतान न होने के कारण अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी अनीता देवी पर थी, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण वह यह भी नहीं करा सकीं।
महिला ने बताया कि बीमारी के कारण आसपास के लोग भी शव के पास आने से कतराते रहे। न किसी ने कंधा दिया और न ही आर्थिक मदद की, जिससे वह तीन दिनों तक अपने पति के शव के पास बैठी सहायता का इंतजार करती रहीं।
मामला सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद खगड़िया नगर परिषद के नगर सभापति प्रतिनिधि ज्योतिष मिश्रा ने पीड़ित महिला से संपर्क किया और अंतिम संस्कार की व्यवस्था कराई। घटना ने एक बार फिर गरीबी, सामाजिक संवेदनहीनता और जरूरतमंदों तक समय पर सरकारी सहायता पहुंचने के दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
@MUSKAN KUMARI





