खुद को प्रधानमंत्री Narendra Modi और अन्य केंद्रीय मंत्रियों का करीबी बताकर लोगों से पैसे वसूलने के आरोपी Mohammad Kasif को Supreme Court of India से जमानत मिल गई है। कासिफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पिछले करीब तीन साल से जेल में बंद था।
यह फैसला जस्टिस M. M. Sundresh और जस्टिस N. Kotiswar Singh की बेंच ने सुनाया। सुप्रीम कोर्ट ने Allahabad High Court के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें कासिफ की जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी।
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आरोपी लगभग तीन वर्षों से जेल में बंद है और मामले में कथित “प्रोसीड्स ऑफ क्राइम” करीब 1.10 करोड़ रुपये बताए गए हैं। इन परिस्थितियों को देखते हुए अदालत ने उसे जमानत देने का फैसला किया।
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि आरोपी जमानत की शर्तों का उल्लंघन करता है या जांच और ट्रायल में सहयोग नहीं करता, तो Enforcement Directorate यानी ईडी ट्रायल कोर्ट में उसकी जमानत रद्द करने की अर्जी दाखिल कर सकती है।
ईडी के अनुसार, मोहम्मद कासिफ ने सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कई केंद्रीय मंत्रियों के साथ अपनी मॉर्फ्ड और एडिटेड तस्वीरें पोस्ट की थीं। इन तस्वीरों के जरिए वह खुद को बड़े नेताओं और सरकारी अधिकारियों का करीबी दिखाने की कोशिश करता था।
जांच एजेंसी का आरोप है कि इसी प्रभाव का इस्तेमाल कर आरोपी लोगों से सरकारी नौकरी, सरकारी ठेके और विभिन्न विभागों में काम दिलाने के नाम पर पैसे वसूलता था।
ईडी ने दावा किया है कि कासिफ से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी के दौरान 1.10 करोड़ रुपये से अधिक की रकम बरामद हुई, जिसे अपराध से अर्जित धन माना जा रहा है। इस मामले में ईडी ने अप्रैल 2023 में ECIR दर्ज की थी।
@MUSKAN KUMARI





