बिहार के Kakolat Waterfall में भीषण गर्मी के बीच पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है, जिससे हालात बेकाबू होते नजर आ रहे हैं। नवादा जिले का यह प्रसिद्ध पर्यटन स्थल इन दिनों मिनी मेले जैसा दृश्य पेश कर रहा है, जहां ठंडे पानी में स्नान करने के लिए हजारों लोग पहुंच रहे हैं।
स्थिति ऐसी हो गई है कि कुंड क्षेत्र में पैर रखने तक की जगह नहीं बची है। महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी भारी भीड़ के बीच जोखिम उठाकर स्नान करने को मजबूर हैं। लगातार बढ़ती भीड़ के कारण किसी भी समय बड़े हादसे की आशंका जताई जा रही है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, वन विभाग द्वारा बिना पर्याप्त नियंत्रण के बड़ी संख्या में टिकट जारी किए जाने से हालात और बिगड़ गए हैं। हर दिन बड़ी संख्या में वाहन ककोलत पहुंच रहे हैं, लेकिन पार्किंग, सुरक्षा गार्ड, मेडिकल सुविधा और लाइफ जैकेट जैसी जरूरी व्यवस्थाएं बेहद सीमित हैं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए रजौली के अनुमंडल पदाधिकारी Swatantra Kumar Suman ने संज्ञान लिया है। उन्होंने बताया कि भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर वन विभाग के साथ जल्द ही उच्च स्तरीय बैठक बुलाई जाएगी।
प्रशासन की योजना है कि अब पर्यटकों की संख्या सीमित की जाएगी, बैच सिस्टम लागू होगा और समय स्लॉट के आधार पर प्रवेश दिया जाएगा। इसके साथ ही सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए विशेष इंतजाम किए जाएंगे।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि वन विभाग पर्यटन बढ़ाने पर तो ध्यान दे रहा है, लेकिन सुरक्षा और प्रबंधन को लेकर लापरवाही बरती जा रही है। कई बार चेतावनी के बावजूद भीड़ नियंत्रण के ठोस उपाय नहीं किए गए हैं।
प्राकृतिक सुंदरता के लिए मशहूर ककोलत जलप्रपात को “बिहार का कश्मीर” भी कहा जाता है, लेकिन अगर जल्द प्रभावी सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण व्यवस्था लागू नहीं की गई तो यह पर्यटन स्थल किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता है।
@MUSKAN KUMARI





