पौने दो लाख बैठकों का दावा; बढ़ते आधार और शताब्दी कार्यक्रमों से तेज हुआ विस्तार
चुनावी मौसम में ने में बड़ा जनसंपर्क अभियान छेड़ दिया है। संघ के मुताबिक, राज्य भर में अब तक करीब पौने दो लाख बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं, जिनके जरिए स्वयंसेवक घर-घर जाकर मतदाताओं को जागरूक कर रहे हैं। इस बार अभियान पहले के मुकाबले ज्यादा संगठित और धारदार नजर आ रहा है।
राज्य में RSS का तेजी से बढ़ता आधार इस अभियान को मजबूती दे रहा है। संगठन लगातार सामाजिक और धार्मिक कार्यक्रमों के जरिए अपनी पहुंच बढ़ा रहा है। खास तौर पर शताब्दी वर्ष से जुड़े आयोजनों के माध्यम से संघ ने बुद्धिजीवी वर्ग में भी अपनी पैठ मजबूत करने की कोशिश की है, जिसे संगठन अपने विस्तार का अहम हिस्सा मान रहा है।
पश्चिम बंगाल से RSS का ऐतिहासिक जुड़ाव भी रहा है। यहां 1937 से संघ की गतिविधियां संचालित हो रही हैं। संघ से जुड़े वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के अनुसार, द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान कुछ समय के लिए गतिविधियां जरूर रुकी थीं, लेकिन बाद में इन्हें फिर से शुरू कर दिया गया।
संघ के कई प्रमुख नेताओं का भी पश्चिम बंगाल से गहरा संबंध रहा है। इनमें , , , , और वर्तमान सरसंघचालक शामिल हैं।
कुल मिलाकर, चुनावी माहौल में RSS का यह अभियान न सिर्फ मतदाताओं तक पहुंच बनाने की कोशिश है, बल्कि राज्य में अपने बढ़ते प्रभाव और संगठनात्मक मजबूती का संकेत भी देता है।
@MUSKAN KUMARI







