छोटी बढ़ोतरी के बड़े असर, ट्रांसपोर्ट से लेकर रोजमर्रा के सामान तक पड़ेगा प्रभाव
न्यूज़ रिपोर्ट (अखबार के लिए)
पटना के ईंधन बाज़ार में शनिवार को फिर हलचल देखने को मिली, जब तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी। 28 मार्च 2026 को जारी नए रेट के अनुसार, शहर में पेट्रोल की कीमत बढ़कर 105.54 रुपए प्रति लीटर पहुंच गई है, जो पिछले दिन के मुकाबले 0.31 रुपए ज्यादा है।
वहीं डीजल की कीमत भी बढ़कर 91.78 रुपए प्रति लीटर हो गई है, जिसमें 0.29 रुपए की बढ़त दर्ज की गई है। भले ही यह बढ़ोतरी मामूली नजर आए, लेकिन इसका असर आम उपभोक्ता से लेकर व्यापारिक गतिविधियों तक व्यापक रूप से महसूस किया जा रहा है।
भारत में ईंधन की कीमतें हर दिन सुबह 6 बजे तय होती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति पर निर्भर करती हैं। मौजूदा समय में वैश्विक स्तर पर जारी अनिश्चितताओं और सप्लाई चेन की चुनौतियों के चलते कच्चे तेल के दामों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है, जिसका सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पेट्रोल का 105 रुपए के पार जाना मध्यम वर्ग के लिए बड़ा झटका है। ईंधन महंगा होने से ट्रांसपोर्टेशन लागत बढ़ती है, जिससे लॉजिस्टिक्स पर असर पड़ता है और फल-सब्जी, अनाज समेत रोजमर्रा के सामानों की कीमतों में भी उछाल आ सकता है।
बिहार के अन्य शहरों—मुजफ्फरपुर, भागलपुर, गोपालगंज, सीवान और पश्चिम चंपारण—में भी कीमतों में हल्का अंतर देखा जा सकता है, लेकिन रुझान एक जैसा है—लगातार बढ़ोतरी का।
बाजार के जानकारों के मुताबिक, अगर वैश्विक हालात ऐसे ही बने रहे, तो आने वाले दिनों में ईंधन की कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है। ऐसे में उपभोक्ताओं और कारोबारियों दोनों को अपनी आर्थिक रणनीति पर पुनर्विचार करना पड़ सकता है।
@MUSKAN KUMARI






