खुफिया एजेंसियों की बड़ी कार्रवाई, बिहार का नौशाद अली निकला मास्टरमाइंड का करीबी
झारखंड के विश्व प्रसिद्ध बाबा वैद्यनाथ मंदिर को निशाना बनाकर रची गई बड़ी साजिश का खुफिया एजेंसियों ने खुलासा किया है। जानकारी के अनुसार, पाकिस्तानी जासूसी नेटवर्क इस धार्मिक स्थल को उड़ाने की योजना बना रहा था, जिसके लिए बिहार के नौशाद अली को अहम जिम्मेदारी दी गई थी।
सूत्रों के मुताबिक, नौशाद अली सीमा पार बैठे अपने आकाओं के संपर्क में था और मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी संवेदनशील जानकारी साझा कर रहा था। उसे मंदिर के वीडियो और जीपीएस लोकेशन जुटाने का टास्क दिया गया था, ताकि हमले की सटीक योजना बनाई जा सके।
पाकिस्तानी हैंडलर के निर्देश पर काम
पूछताछ में सामने आया है कि नौशाद अली पाकिस्तान में बैठे हैंडलर सरफराज के निर्देश पर काम कर रहा था। वह अपने साथियों के जरिए देश के संवेदनशील ठिकानों की तस्वीरें, वीडियो और लोकेशन जुटाकर एक विशेष ऐप के माध्यम से पाकिस्तान भेजता था। जांच एजेंसियों के अनुसार, उसे दिल्ली कैंट इलाके में घुसकर गतिविधियों की रेकी करने का भी काम सौंपा गया था। साथ ही एक बड़े उद्योगपति के घर की निगरानी की बात भी उसने कबूल की है।
सोशल मीडिया के जरिए बना नेटवर्क
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए पाकिस्तान संचालित गिरोह से जुड़े थे। उन्हें एक खास ऐप डाउनलोड कराकर ट्रेनिंग दी जाती थी। इसी नेटवर्क के जरिए नौशाद की पहचान ‘मीरा’ नामक महिला से हुई, जो पहले से इस गिरोह से जुड़ी थी।
तीन लोगों के हाथ में थी कमान
पूरे नेटवर्क को सुहेल मलिक, नौशाद अली और समीर मिलकर संचालित कर रहे थे। ये सभी अलग-अलग स्थानों पर सक्रिय रहकर संवेदनशील जगहों की जानकारी जुटाते थे। जांच में मीरा का संबंध अवैध हथियारों की तस्करी से भी सामने आया है। वर्ष 2025 में दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने उसे गिरफ्तार किया था, जिसके फोन से 100 से अधिक लोकेशन के फोटो और वीडियो बरामद हुए थे।
हवाला कनेक्शन की जांच तेज
जासूसी नेटवर्क के खुलासे के बाद अब जांच एजेंसियां इसके फाइनेंशियल नेटवर्क को तोड़ने में जुट गई हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पाकिस्तान से हवाला के जरिए पंजाब रूट से पैसे भेजे जा रहे थे। पुलिस अब संबंधित बैंक खातों और मनी ट्रांसफर चैनलों की पहचान कर रही है।
खुफिया एजेंसियों की इस कार्रवाई से एक बड़ी साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया गया है। सुरक्षा एजेंसियां अब पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए लगातार कार्रवाई कर रही हैं।
@MUSKAN KUMARI





