ईरान-इस्राइल टकराव के बीच वैश्विक ऊर्जा संकट गहराया, भारत की रणनीति पर नजर
नई दिल्ली:
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष दिन-ब-दिन और भयावह होता जा रहा है। अमेरिका और इस्राइल के भीषण हमलों के बीच ईरान भी जोरदार पलटवार कर रहा है। खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए मिसाइलों और ड्रोन हमलों ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया है। संघर्ष अब अपने 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है और हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं।
इस बढ़ते तनाव का असर अब वैश्विक स्तर पर दिखने लगा है, खासकर ऊर्जा आपूर्ति पर। कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और सप्लाई चेन पर बढ़ते दबाव ने कई देशों की चिंता बढ़ा दी है।
ऐसे संवेदनशील हालात के बीच भारत भी पूरी सतर्कता के साथ स्थिति पर नजर बनाए हुए है। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज लोकसभा में इस मुद्दे पर सरकार का रुख स्पष्ट करेंगे।
सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री अपने संबोधन में पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात, भारत पर संभावित प्रभाव और सरकार की तैयारियों व रणनीति की विस्तृत जानकारी दे सकते हैं। इसके साथ ही यह भी बताया जा सकता है कि इस संघर्ष से भारत की ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार और प्रवासी भारतीयों पर क्या असर पड़ सकता है और सरकार इन चुनौतियों से निपटने के लिए क्या कदम उठा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह संकट और गहरा सकता है, ऐसे में भारत की कूटनीतिक और आर्थिक रणनीति बेहद अहम साबित होगी।
@MUSKAN KUMARI






