Strait of Hormuz से भारतीय तेल टैंकरों को सुरक्षित गुजरने की अनुमति, भारत को बड़ी कूटनीतिक सफलता

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और Iran–Israel–United States के बीच जारी संघर्ष के बीच भारत को बड़ी कूटनीतिक सफलता मिली है। ईरान ने भारतीय झंडे वाले तेल टैंकरों को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण Strait of Hormuz से सुरक्षित गुजरने की अनुमति दे दी है।

यह फैसला भारतीय विदेश मंत्री Subrahmanyam Jaishankar और ईरानी विदेश मंत्री Abbas Araghchi के बीच हुई उच्च-स्तरीय बातचीत के बाद सामने आया है।

जानकारी के अनुसार कम से कम दो भारतीय तेल टैंकर—पुष्पक और परिमल—सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे हैं। यह वही समुद्री मार्ग है जहां क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण कई अंतरराष्ट्रीय जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है। वर्तमान हालात में अमेरिका, यूरोप और इस्राइल से जुड़े जहाजों को प्रतिबंधों और हमलों का गंभीर खतरा बना हुआ है।

अमेरिका और इस्राइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद शुरू हुआ संघर्ष अब 12वें दिन में पहुंच चुका है। लगातार बढ़ते तनाव के कारण इस क्षेत्र में समुद्री यातायात लगभग ठप हो गया है और वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला है।

ईरान ने इस दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर कड़े प्रतिबंध लगाए हैं। तेहरान का कहना है कि केवल वे जहाज सुरक्षित रूप से गुजर सकते हैं जो अमेरिका और इस्राइल के हितों से जुड़े नहीं हैं।

क्यों अहम है होर्मुज जलडमरूमध्य

Strait of Hormuz ईरान और Oman के बीच लगभग 55 किलोमीटर चौड़ा समुद्री मार्ग है, जो फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है। यह दुनिया के सबसे व्यस्त और रणनीतिक समुद्री मार्गों में से एक माना जाता है।

सामान्य परिस्थितियों में यहां से प्रतिदिन करीब 1.3 करोड़ बैरल तेल गुजरता है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 31 प्रतिशत है। इस मार्ग में किसी भी तरह की बाधा से इराक, कुवैत, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और ईरान जैसे प्रमुख तेल उत्पादक देशों के निर्यात पर सीधा असर पड़ता है।

रक्षा विश्लेषकों के अनुसार ईरान के पास एंटी-शिप मिसाइल, ड्रोन, तेज हमला करने वाली नौकाएं और समुद्री बारूदी सुरंगें मौजूद हैं, जिनकी मदद से वह पूरे होर्मुज क्षेत्र में जहाजों को निशाना बना सकता है। यही वजह है कि इस क्षेत्र में बढ़ता तनाव वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है।

भारत के लिए मायने

विशेषज्ञों का मानना है कि विदेशी जहाजों पर बढ़ते हमलों के बीच केवल भारतीय टैंकरों को सुरक्षित मार्ग मिलना भारत की स्वतंत्र और संतुलित कूटनीति का संकेत है। इससे मौजूदा युद्ध जैसे हालात में भी भारत की ऊर्जा आपूर्ति शृंखला को बनाए रखने में मदद मिलेगी।

@MUSKAN KUMARI

NCRLOCALDESK
Author: NCRLOCALDESK

Share this post:

खबरें और भी हैं...

लाइव क्रिकट स्कोर
मौसम अपडेट
राशिफल