नई दिल्ली: संसद परिसर में मंगलवार को एक ही दिन में तीन अलग-अलग विरोध प्रदर्शन देखने को मिले, जिसने राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी। निलंबित सांसदों और विपक्षी दलों के नेताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।
पहला प्रदर्शन उन निलंबित सांसदों का था, जो लोकसभा से निलंबन के बाद संसद के मकर द्वार के बाहर धरना देकर अपना विरोध जारी रखे हुए हैं। निलंबन के कारण वे सदन की कार्यवाही में शामिल नहीं हो पा रहे हैं, इसलिए संसद परिसर में ही विरोध जता रहे हैं।
दूसरा प्रदर्शन समाजवादी पार्टी के सांसदों ने किया। इसमें सांसद डिंपल यादव, धर्मेंद्र यादव, प्रिया सरोज और इकरा हसन सहित कई नेता शामिल हुए। सांसदों ने हाथों में आलू और तख्तियां लेकर “आलू का उचित मूल्य दिलाओ” और “किसानों को बचाओ” जैसे नारे लगाए। उनका आरोप था कि सरकार किसानों को आलू का उचित दाम दिलाने में विफल रही है।
तीसरा प्रदर्शन वामदलों और आरजेडी के सांसदों ने किया। उन्होंने बढ़ती महंगाई और ईंधन की कीमतों को लेकर सरकार पर निशाना साधा। प्रदर्शन के दौरान सांसदों के हाथों में तख्तियां थीं, जिन पर महंगाई और सरकार की नीतियों को लेकर सवाल उठाए गए।
संसद परिसर में एक ही दिन में तीन अलग-अलग मुद्दों पर हुए इन प्रदर्शनों ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है।
@MUSKAN KUMARI






