राजस्व विभाग की नई पहल: भूमि सर्वे से जुड़ी शिकायतों के लिए पोर्टल शुरू, अब नहीं लगाने होंगे सरकारी दफ्तरों के चक्कर

राजस्व विभाग की नई पहल: भूमि सर्वे से जुड़ी शिकायतों के लिए पोर्टल शुरू, अब नहीं लगाने होंगे सरकारी दफ्तरों के चक्कर

 पटना | विशेष रिपोर्ट – एशियन टाइम्स ब्यूरो

बिहार सरकार ने भूमि सर्वेक्षण से जुड़ी समस्याओं को दूर करने और जनता की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए ‘राजस्व शिकायत प्रबंधन प्रणाली’ नामक एक ऑनलाइन पोर्टल की शुरुआत की है। अब भू-लगान, दाखिल-खारिज, परिमार्जन प्लस जैसी सभी राजस्व संबंधित शिकायतें ऑनलाइन दर्ज की जा सकेंगी। अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार के अनुसार, इस पोर्टल के जरिए शिकायत दर्ज करने और उसकी प्रगति को ट्रैक करने में लोगों को आसानी होगी।

“इस पोर्टल से सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि दर्ज शिकायतों के आंकड़ों का विश्लेषण कर विभाग अपनी नीतियों और प्रक्रियाओं में सुधार कर सकेगा और भविष्य में होने वाली समान शिकायतों को भी कम किया जा सकेगा।”

 अब तक क्या-क्या हुआ?

बिहार में जमीन सर्वे का कार्य चरणबद्ध ढंग से चल रहा है। पहले चरण में 89 अंचलों में काम शुरू हुआ था। प्रत्येक अंचल में दो से तीन शिविर लगाए गए थे, जिनमें से कुछ में अभी भी एक शिविर लगाकर कार्य चल रहा है।

पहले फेज में 5,657 मौजा का सर्वे शुरू हुआ, जिसमें से 1,190 राजस्व ग्रामों का अंतिम खतियान तैयार कर संबंधित अंचल कार्यालय को भेज दिया गया। बाकी 35,000 मौजों में विशेष सर्वेक्षण कार्य सितंबर से शुरू किया गया।

 किस जिले में कितना काम?

अरवल और शेखपुरा – सबसे छोटे जिले, सर्वे का कार्य पहले फेज में पूरा। वैशाली – सर्वाधिक 1 करोड़ 21 लाख 12 हजार 85 पेज अपलोड। पश्चिम चंपारण – 1 करोड़ 2 लाख 97 हजार 812 पेज अपलोड। मुजफ्फरपुर – 1 करोड़ 28 हजार 290 पेज अपलोड। लखीसराय – सबसे कम 12 लाख 29 हजार 554 पेज। राजधानी पटना – 41 लाख 42 हजार 989 पेज अपलोड।

 शिकायतें और समाधान

ऑनलाइन सर्वे की जानकारी नहीं मिल रही?समाधान: ऑनलाइन आवेदन करें, कॉमन सर्विस सेंटर या अमीन से संपर्क करें।

रजिस्टर 2 में डेटा सही नहीं है?

समाधान: ऑनलाइन आवेदन करें। CO या DCLR से समाधान नहीं मिल रहा?

समाधान: फिर से टिकट जनरेट करें।

 शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया

शिकायत दर्ज करने के बाद फोन पर सेंटर डिटेल दी जाती है और जन शिकायत पोर्टल पर टिकट जनरेट कर समाधान की प्रक्रिया शुरू होती है। इससे लोगों को CO कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ते और घर बैठे समाधान मिल जाता है।

 1 मिनट के बदले 25 मिनट?

टोल-फ्री नंबर पर लोग अपनी बातें विस्तार से बताते हैं, खासकर पारिवारिक भूमि विवादों में, जिस कारण एक कॉल में 25-30 मिनट तक लग जाते हैं।

विभागीय मंत्री संजय सरावगी ने कहा,

“पोर्टल आने से लोग घर बैठे शिकायत दर्ज कर सकते हैं। हर चरण की जानकारी उन्हें समय पर मिलती है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है और भ्रष्टाचार में कमी आई है।”

 यदि आप भूमि सर्वे से जुड़ी समस्या से परेशान हैं, तो अब सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की ज़रूरत नहीं। पोर्टल पर जाएं, शिकायत दर्ज करें और समाधान पाएं।

Noida Desk
Author: Noida Desk

मुख्य संपादक (Editor in Chief)

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