भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान 11 अगस्त 1942 को पटना सचिवालय पर तिरंगा फहराने वाले सात अमर शहीदों में शामिल सारण के वीर सपूत राजेंद्र सिंह को उनकी 84वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि दी गई।
नयागांव स्टेशन परिसर स्थित शहीद राजेंद्र सिंह स्मारक स्थल पर मंगलवार को श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। कार्यक्रम में राजनीतिक दलों के नेताओं, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर नमन किया। इस दौरान भारत माता की जय और शहीद राजेंद्र सिंह अमर रहें के नारों से परिसर गूंज उठा।

राजेंद्र सिंह का जन्म 5 दिसंबर 1924 को सारण के सोनपुर प्रखंड स्थित बनवारी चक गांव में हुआ था। महज 18 वर्ष की उम्र में वे भारत छोड़ो आंदोलन में शामिल हुए।
11 अगस्त 1942 को हजारों छात्र पटना सचिवालय की ओर बढ़ रहे थे। अंग्रेजी हुकूमत ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए गोली चलाने का आदेश दिया। इसी दौरान राजेंद्र सिंह ने गोली लगने के बावजूद तिरंगा लेकर आगे बढ़ना जारी रखा और सचिवालय पर झंडा फहराते हुए शहीद हो गए।
खास बात यह भी है कि उनकी शहादत से महज दो महीने पहले, 3 मई 1942 को उनका विवाह हुआ था। देश की आजादी के लिए उनका सर्वोच्च बलिदान आज भी लोगों को प्रेरणा देता है।
श्रद्धांजलि सभा में लोगों ने उनके त्याग और साहस को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने और देशसेवा का संकल्प लिया।
@MUSKAN KUMARI





