पटना: पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और उससे पैदा हुए वैश्विक तेल संकट को लेकर देश में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। प्रधानमंत्री Narendra Modi द्वारा ईंधन बचाने, वर्क-फ्रॉम-होम अपनाने और एक वर्ष तक शादियों में सोना न खरीदने की अपील के बाद विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधा है। इसी मुद्दे पर लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi के बयान पर भाजपा नेता और बिहार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री Mangal Pandey ने तीखा पलटवार किया है।
मंगल पांडेय ने कहा कि राहुल गांधी को देशहित से ज्यादा राजनीति की चिंता रहती है। उन्होंने कहा कि जब पूरी दुनिया युद्ध और तेल संकट के असर से जूझ रही है, तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को आर्थिक दबाव से बचाने के लिए जनता से छोटे-छोटे त्याग की अपील कर रहे हैं।
भाजपा नेता ने कहा कि कांग्रेस ने वर्षों तक देश को मुफ्तखोरी की राजनीति सिखाई, जबकि मोदी सरकार आत्मनिर्भर भारत और मजबूत अर्थव्यवस्था की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि संकट के समय ईंधन बचाना, जरूरत से ज्यादा खर्च कम करना और देश के साथ खड़ा होना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
मंगल पांडेय ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि “राहुल गांधी को देश की चिंता समझ नहीं आएगी, क्योंकि उनके लिए देश से पहले परिवार की राजनीति आती है।” उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासनकाल में संकट के समय देश को नुकसान पहुंचाया गया, जबकि मोदी सरकार हर चुनौती में जनता को साथ लेकर चल रही है।
उन्होंने आगे कहा कि यदि वैश्विक संकट के समय देशहित में कुछ समय के लिए त्याग की बात की जा रही है, तो उसे राजनीति का मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए। भाजपा नेता ने सवाल उठाया कि क्या संकट के समय देश के लिए ऐसे कदम जरूरी नहीं हैं?
इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में एक बार फिर भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।
Author: Noida Desk
मुख्य संपादक (Editor in Chief)






