राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता और बिहार के पूर्व विधायक रीतलाल यादव को फिलहाल सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली है। संगठित अपराध और रंगदारी से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज करते हुए पटना हाईकोर्ट के फैसले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया।

3 सितंबर को जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की पीठ ने मामले की सुनवाई की। रीतलाल यादव की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने पक्ष रखा। सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को जल्द से जल्द आरोप तय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का निर्देश दिया।

हालांकि, अदालत ने कहा कि आरोप तय होने के बाद यदि एक साल के भीतर मुकदमे की सुनवाई में कोई ठोस प्रगति नहीं होती है और रीतलाल यादव ट्रायल में पूरा सहयोग करते हैं, तो वे दोबारा पटना हाईकोर्ट में जमानत के लिए आवेदन कर सकते हैं।
इससे पहले 26 फरवरी को पटना हाईकोर्ट ने भी उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। रीतलाल यादव पर संगठित अपराध, रंगदारी और अन्य गंभीर आरोप हैं। मामले में अंतिम फैसला ट्रायल और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा।
@MUSKAN KUMARI





