पटना। बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में भ्रष्टाचार और लंबित मामलों के खिलाफ सरकार ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। विभाग के मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए मंगलवार को आठ अंचल अधिकारियों और राजस्व अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
महकमे में चल रहे इस अभियान के तहत महज एक सप्ताह के भीतर 23 अधिकारियों पर कार्रवाई की जा चुकी है। संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच, आरोप पत्र दाखिल करने और वेतन वृद्धि पर रोक लगाने के आदेश जारी किए गए हैं।
कार्रवाई की जद में आने वाले अधिकारियों में डिहरी की तत्कालीन अंचल अधिकारी सीमा रानी (सेवानिवृत्त), औरंगाबाद एवं इटाढ़ी के तत्कालीन राजस्व अधिकारी तथा वर्तमान सीओ संतोष कुमार प्रीतम, बरौली के तत्कालीन राजस्व अधिकारी विजय सिंह, मोतीपुर की तत्कालीन अंचल अधिकारी रुचि कुमारी, साहेबपुरकमाल और सुपौल के तत्कालीन प्रभारी सीओ तथा वर्तमान अपर जिला भू-अर्जन पदाधिकारी चंदन कुमार, बगहा-1 के अंचल अधिकारी उदय शंकर मिश्रा, रामगढ़वा के सीओ राजा कुमार तथा पश्चिम चंपारण के राजस्व अधिकारी-सह-कानूनगो विनोद कुमार शामिल हैं।

राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने स्पष्ट कहा कि जनता को अनावश्यक रूप से परेशान करने वाले और फाइलों को लंबित रखने वाले किसी भी भ्रष्ट अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।
लंबित मामलों के निपटारे के लिए कैंप मोड में काम करेंगे अधिकारी
हालिया हड़ताल के कारण लंबित पड़े दाखिल-खारिज, परिमार्जन और ई-मापी जैसे मामलों के शीघ्र निपटारे के लिए सरकार ने सभी अंचल अधिकारियों को अतिरिक्त कार्य करने के निर्देश दिए हैं। अगले 15 दिनों तक प्रतिदिन शाम छह बजे से रात आठ बजे तक सभी सीओ कैंप मोड में रहकर लंबित मामलों का ऑन-द-स्पॉट निपटारा करेंगे।
अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर निगरानी रखने के लिए जिलाधिकारियों को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रत्येक जिलाधिकारी अपने जिले के अंचल अधिकारियों द्वारा निपटाए गए मामलों में से पांच मामलों का रैंडम सत्यापन करेंगे और इसकी गोपनीय रिपोर्ट सीधे सरकार को भेजेंगे।
सरकार का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य राजस्व विभाग में पारदर्शिता बढ़ाना, भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाना और आम लोगों को समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराना है।
@MUSKAN KUMARI





