राजद की विधान परिषद सीट पर मंथन तेज, सुनिल कुमार सिंह और शिवचंद्र राम के नाम चर्चा में; अंतिम फैसला लालू के पाले में

पटना। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की विधान परिषद की एक सीट को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है, लेकिन पार्टी के भीतर अब तक किसी एक नाम पर पूर्ण सहमति नहीं बन पाई है। ऐसे में राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर जारी है और सबकी निगाहें पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के अंतिम फैसले पर टिकी हुई हैं।

सूत्रों के अनुसार, इस सीट के लिए दो नाम प्रमुख दावेदारों के रूप में उभरकर सामने आए हैं। इनमें पूर्व विधान परिषद सदस्य सुनिल कुमार सिंह और वरिष्ठ दलित नेता शिवचंद्र राम शामिल हैं। दोनों नेताओं के समर्थन में पार्टी के भीतर अलग-अलग खेमे सक्रिय बताए जा रहे हैं।

राजनीतिक चर्चाओं के मुताबिक, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी सुनिल कुमार सिंह को उम्मीदवार बनाए जाने के पक्ष में हैं। पार्टी के एक वर्ग का मानना है कि संगठन और नेतृत्व के प्रति उनकी लंबे समय से निष्ठा रही है, इसलिए उन्हें अवसर मिलना चाहिए।

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वहीं, बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव सामाजिक और राजनीतिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए शिवचंद्र राम के नाम पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि अनुसूचित जाति समुदाय को प्रतिनिधित्व देने से पार्टी के सामाजिक आधार को और मजबूती मिल सकती है।

हालांकि पार्टी के कई संगठनात्मक फैसले तेजस्वी यादव के नेतृत्व में लिए जाते हैं, लेकिन उम्मीदवार चयन जैसे महत्वपूर्ण मामलों में लालू प्रसाद यादव की राय को अब भी निर्णायक माना जाता है। पार्टी के अंदर यह धारणा है कि किसी भी बड़े राजनीतिक निर्णय पर अंतिम मुहर उन्हीं की होती है।

फिलहाल लालू प्रसाद यादव स्वास्थ्य संबंधी जांच के सिलसिले में सिंगापुर में हैं। उनके पटना लौटने के बाद राबड़ी आवास पर परिवार और वरिष्ठ नेताओं की एक अहम बैठक होने की संभावना जताई जा रही है। माना जा रहा है कि इसी बैठक में उम्मीदवार के नाम पर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है।

इस चुनाव को ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के संभावित रुख ने भी दिलचस्प बना दिया है। राजनीतिक सूत्रों का मानना है कि एआईएमआईएम का समर्थन चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। सीमित विधायकों की संख्या और गठबंधन की राजनीति के बीच महागठबंधन के लिए यह चुनाव प्रतिष्ठा का विषय माना जा रहा है।

अब सबकी निगाहें लालू प्रसाद यादव की वापसी और उनके फैसले पर टिकी हैं। राजनीतिक हलकों में यही चर्चा है कि राजद इस सीट पर सामाजिक समीकरणों को प्राथमिकता देगा या संगठनात्मक निष्ठा को महत्व मिलेगा।

@MUSKAN KUMARI

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Author: NCRLOCALDESK

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