पटना। नगर विकास एवं आवास विभाग में पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन को मजबूत करने के उद्देश्य से विभागीय स्तर पर एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता विभागीय मंत्री नीतीश मिश्रा ने की, जिसमें आरोप, शिकायत एवं निगरानी से जुड़े लंबित मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान मंत्री नीतीश मिश्रा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि लोकसभा, राज्यसभा, विधानसभा और विधान परिषद के जनप्रतिनिधियों द्वारा भेजी गई शिकायतें सीधे जनता की समस्याओं से जुड़ी होती हैं। ऐसे में इनके निपटारे में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को सभी शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को शिकायत निवारण प्रक्रिया के लिए एक स्पष्ट और प्रभावी मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार करने तथा उसका सख्ती से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि शिकायतों की जांच प्रक्रिया को फास्ट ट्रैक मोड में चलाया जाए और दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए।

बैठक में मंत्री ने दो टूक कहा कि विभाग में भ्रष्टाचार, अनियमितता और लापरवाही के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाएगी। किसी भी स्तर पर गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई शिकायत असत्य या आधारहीन साबित होती है, तो ईमानदार अधिकारियों के हितों की रक्षा करना भी विभाग की जिम्मेदारी है, ताकि कार्य संस्कृति प्रभावित न हो।
नीतीश मिश्रा ने अच्छे कार्य करने वाले अधिकारियों को प्रोत्साहित करने पर भी जोर देते हुए कहा कि सुशासन केवल कार्रवाई का नाम नहीं, बल्कि संतुलन और सकारात्मक प्रेरणा का भी प्रतीक है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिकायत निवारण व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाते हुए जनता और जनप्रतिनिधियों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का हरसंभव प्रयास किया जाए।
विभागीय कार्यप्रणाली में जवाबदेही और पारदर्शिता को मजबूत करने की दिशा में इस बैठक को एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
@MUSKAN KUMARI






