पटना। बिहार सरकार ने भूमि संबंधी लंबित मामलों के त्वरित निपटारे और भूमि प्रशासन को अधिक पारदर्शी एवं जनोन्मुखी बनाने के उद्देश्य से विशेष शिविर आयोजित करने का निर्णय लिया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि शिविर के दौरान किए जाने वाले कार्यों की नियमित निगरानी विभागीय स्तर पर की जाएगी और प्रगति की समय-समय पर समीक्षा भी होगी।
राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. संजय जायसवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार भूमि प्रशासन को पूरी तरह पारदर्शी, डिजिटल और आम लोगों के लिए सुलभ बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण और ऑनलाइन सेवाओं के विस्तार के मामले में बिहार देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो रहा है।

डॉ. जायसवाल ने कहा कि विशेष शिविर के माध्यम से लाखों लंबित मामलों के समाधान की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जाएगा, जिससे आम लोगों को राहत मिलेगी और भूमि संबंधी विवादों के निपटारे की प्रक्रिया तेज होगी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में राज्य के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत तथा राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह भी मौजूद रहे। इस दौरान विभागीय अधिकारियों ने विशेष शिविर की रूपरेखा, निगरानी व्यवस्था और जिलावार प्रगति की विस्तृत जानकारी दी।
सरकार ने सभी जिला पदाधिकारियों, बंदोबस्त पदाधिकारियों, अपर समाहर्ताओं, भूमि सुधार उप समाहर्ताओं, अंचल अधिकारियों और राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिया है कि विशेष शिविर को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इसे सफल बनाया जाए।
@MUSKAN KUMARI





