बेतिया में जॉब कैंप बना मजाक, बैनर और दो कुर्सियों के सहारे लौटे बेरोजगार युवा

बेतिया। पश्चिम चंपारण के बेतिया स्थित जिला नियोजनालय परिसर में गुरुवार को आयोजित होने वाला जॉब कैंप विवादों में घिर गया। जिला प्रशासन की ओर से प्रचारित इस रोजगार मेले में नौकरी की उम्मीद लेकर पहुंचे दर्जनों युवाओं को उस समय निराशा हाथ लगी, जब मौके पर न तो कोई अधिकारी मौजूद मिला और न ही किसी निजी कंपनी का प्रतिनिधि। पूरा आयोजन महज एक बैनर और कुछ कुर्सियों तक सीमित नजर आया।

जानकारी के अनुसार, श्रम संसाधन विभाग के जिला नियोजनालय परिसर में 18 जून 2026 को जॉब कैंप आयोजित किए जाने की सूचना जारी की गई थी। डीपीआरओ की विज्ञप्ति के माध्यम से प्रचारित इस आयोजन पर भरोसा कर बड़ी संख्या में बेरोजगार युवक-युवतियां निर्धारित समय पर परिसर पहुंचे। लेकिन वहां का दृश्य देखकर अभ्यर्थी हैरान रह गए।

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परिसर में केवल जॉब कैंप का बैनर और दो-तीन कुर्सियां लगी हुई थीं, जबकि न तो कोई संबंधित अधिकारी मौजूद था और न ही किसी कंपनी का प्रतिनिधि। रोजगार की उम्मीद लेकर पहुंचे युवाओं का कहना था कि वे दूर-दराज के इलाकों से किराया खर्च कर और जरूरी दस्तावेजों के साथ यहां पहुंचे थे, लेकिन उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ा।

घटना के बाद युवाओं में भारी नाराजगी देखी गई। अभ्यर्थियों ने सवाल उठाया कि जब किसी कंपनी की भागीदारी सुनिश्चित नहीं थी और अधिकारियों की उपस्थिति भी नहीं थी, तो जॉब कैंप आयोजित करने की घोषणा क्यों की गई। उनका आरोप है कि इस तरह के आयोजन बेरोजगार युवाओं की उम्मीदों के साथ खिलवाड़ करने के समान हैं।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि मामला प्रशासनिक लापरवाही, समन्वय की कमी या किसी अन्य कारण का परिणाम है। हालांकि इस घटना ने सरकारी दावों और जमीनी हकीकत के बीच के अंतर को एक बार फिर उजागर कर दिया है। रोजगार की तलाश में भटक रहे युवाओं के लिए यह दिन निराशा और व्यवस्था पर कई सवाल छोड़ गया।

@MUSKAN KUMARI

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Author: NCRLOCALDESK

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