बिहार बंद हिंसा मामले में 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में बेऊर जेल भेजे गए तेज प्रताप यादव की पहली रात चर्चाओं के बीच गुजरी। जेल सूत्रों के मुताबिक उन्होंने एसी बैरक, घर का बना खाना और बेहतर सुविधाओं की मांग की, लेकिन जेल प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया कि जेल मैनुअल से बाहर किसी भी तरह की विशेष सुविधा नहीं दी जा सकती। उनकी स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए मेडिकल टीम लगातार निगरानी कर रही है।
शनिवार देर रात अदालत के आदेश के बाद तेज प्रताप यादव को नौबतपुर थाना से बेऊर जेल लाया गया। वारंट में कार्डियक बीमारी का उल्लेख होने के कारण उन्हें पहले जेल अस्पताल ले जाया गया, जहां ईसीजी, ब्लड प्रेशर, शुगर समेत जरूरी जांच की गई। शुरुआती रिपोर्ट सामान्य आने के बाद रविवार सुबह उन्हें डिवीजन वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया।
जेल प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर वार्ड के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है। अन्य बंदियों की आवाजाही सीमित कर दी गई है और किसी को भी उनसे मिलने की अनुमति नहीं दी गई।

रविवार सुबह तेज प्रताप ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए घर का भोजन उपलब्ध कराने की मांग की। शुरुआत में उन्होंने जेल का खाना लेने से इनकार किया, लेकिन बाद में अधिकारियों के समझाने पर दाल, चावल और सब्जी का सामान्य भोजन स्वीकार कर लिया। उन्होंने बेहतर बिस्तर और ठंडी जगह की भी मांग की, जिसे जेल नियमों का हवाला देते हुए खारिज कर दिया गया।
दिनभर में उन्होंने कई बार सीने में दर्द और घबराहट की शिकायत की। हर बार मेडिकल जांच में उनकी स्थिति सामान्य पाई गई, जिसके बाद एहतियात के तौर पर उन्हें मेडिकल ऑब्जर्वेशन में रखा गया।
गौरतलब है कि बिहार बंद हिंसा मामले में तेज प्रताप यादव को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया था, जहां से उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में बेऊर जेल भेजा गया। उनकी जमानत याचिका भी खारिज हो चुकी है। पुलिस के अनुसार उनके खिलाफ हत्या के प्रयास, दंगा, सरकारी कार्य में बाधा समेत 12 से अधिक धाराओं में मामला दर्ज है। फिलहाल पुलिस वीडियो, सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है, जबकि उनकी ओर से हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
@MUSKAN KUMARI






