पटना:
बिहार के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए राहत भरी खबर सामने आ रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार जल्द ही महंगाई भत्ते (DA) में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी पर फैसला ले सकती है। यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो सातवें वेतन आयोग के तहत आने वाले कर्मचारियों का डीए बढ़कर 60 प्रतिशत हो जाएगा।
वर्तमान में राज्य के कर्मचारियों को 1 जुलाई 2025 से 58 प्रतिशत की दर से डीए मिल रहा है। इससे पहले अक्टूबर 2025 में इसे 55 प्रतिशत से बढ़ाकर 58 प्रतिशत किया गया था, जिसका लाभ राज्य के 10 लाख से अधिक कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और परिवार पेंशनधारकों को मिला था।
हालांकि, प्रस्तावित बढ़ोतरी से राज्य सरकार के खजाने पर अतिरिक्त बोझ भी बढ़ेगा। अनुमान है कि 2 प्रतिशत की वृद्धि लागू होने पर सरकार को सालाना करीब 1100 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ सकता है। इससे पहले 3 प्रतिशत डीए वृद्धि से करीब 918 करोड़ रुपये का भार बढ़ा था।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार पहले ही जनवरी से अपने कर्मचारियों के डीए में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर चुकी है, जिसके बाद केंद्रीय कर्मचारियों को 60 प्रतिशत डीए मिल रहा है। आमतौर पर बिहार सरकार केंद्र के पैटर्न का अनुसरण करती है, ऐसे में राज्य में भी इसी तरह का निर्णय लिए जाने की संभावना जताई जा रही है।
वहीं छठे वेतन आयोग के तहत कर्मचारियों को 257 प्रतिशत और पांचवें वेतन आयोग के अंतर्गत 474 प्रतिशत डीए मिल रहा है। उल्लेखनीय है कि महंगाई भत्ते में संशोधन हर छह महीने—जनवरी और जुलाई—में किया जाता है, जिसका आधार अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक होता है।
अगर यह प्रस्ताव मंजूर होता है, तो राज्य के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ा आर्थिक फायदा मिलेगा।
@MUSKAN KUMARI






