पटना। बिहार में ईद-उल-अजहा (बकरीद) का पर्व शनिवार को पूरे श्रद्धा, उत्साह और भाईचारे के माहौल में मनाया गया। सुबह से ही मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज़ियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। राज्यभर में शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर नजर आया।
राजधानी पटना के गांधी मैदान में सबसे बड़ा आयोजन हुआ, जहां कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच हजारों लोगों ने ईद की नमाज़ अदा की। पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में रखा गया था और हर गतिविधि पर प्रशासन की पैनी नजर बनी हुई थी। बम स्क्वायड और डॉग स्क्वायड की टीमें लगातार जांच में जुटी रहीं, जबकि CCTV कैमरों से पूरे परिसर की निगरानी की गई।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रदेशवासियों को ईद-उल-अजहा की शुभकामनाएं देते हुए शांति, सौहार्द और भाईचारे को बनाए रखने की अपील की। प्रशासनिक अधिकारियों ने भी लोगों से मिलजुलकर त्योहार मनाने का संदेश दिया।

पटना के अलावा बिहटा, पालीगंज, फुलवारी शरीफ और फतुहा समेत कई इलाकों में भी नमाज़ शांतिपूर्ण माहौल में सम्पन्न हुई। बिहटा और पालीगंज में एसडीएम और डीएसपी स्तर के अधिकारियों ने खुद सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। फुलवारी शरीफ स्थित खानकाह-ए-मुजिबिया में बड़ी संख्या में लोगों ने नमाज़ अदा की। स्थानीय विधायक श्याम रजक भी मौके पर पहुंचे और लोगों को बकरीद की मुबारकबाद दी।
फतुहा के रायपुरा ईदगाह में भी बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने बड़ी संख्या में नमाज़ अदा की और एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की बधाई दी। वहीं नालंदा जिले में भी ईद-उल-अजहा पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाई गई। बिहारशरीफ की बड़ी दरगाह, शाही जामा मस्जिद और अन्य ईदगाहों में सामूहिक नमाज़ के बाद अमन-चैन और खुशहाली की दुआ मांगी गई।
धार्मिक गुरुओं ने कहा कि बकरीद त्याग, समर्पण और इंसानियत का संदेश देने वाला पर्व है। नमाज़ के बाद परंपरा के अनुसार कुर्बानी दी गई और उसका मांस जरूरतमंदों में बांटा गया, जिससे सामाजिक सहयोग और भाईचारे की भावना और मजबूत हुई।
बच्चों में भी इस पर्व को लेकर खास उत्साह देखने को मिला। रंग-बिरंगे कपड़ों में सजे बच्चे ईदगाहों में खुशी से झूमते नजर आए। कुल मिलाकर, सुरक्षा के कड़े इंतज़ामों के बीच बिहार में बकरीद का पर्व गंगा-जमुनी तहज़ीब और सामाजिक सौहार्द की मिसाल बनकर सामने आया।
@MUSKAN KUMARI






