छात्रों के आंदोलन और उनके खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सोशल मीडिया पर युवाओं की चिंता की बात करते हैं, लेकिन दूसरी ओर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर आंसू गैस छोड़ी जा रही है और लाठीचार्ज किया जा रहा है।
प्रियंका गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री हर उपलब्धि का श्रेय लेने में आगे रहते हैं, इसलिए उन्हें अपने कार्यों की जिम्मेदारी भी लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि युवाओं के भविष्य पर संकट आता है तो इसकी जवाबदेही भी सरकार की है।
कांग्रेस नेता ने पुलिस कार्रवाई और दिल्ली के कुछ इलाकों में इंटरनेट सेवा बंद किए जाने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “छात्र आतंकवादी नहीं हैं।” उनके परिवार उनकी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं और इंटरनेट बंद होने से वे अपने परिजनों से संपर्क तक नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने सरकार से छात्रों की बात सुनने और लोकतांत्रिक तरीके से उनकी मांगों पर विचार करने की अपील की।

प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि यदि प्रदर्शन के दौरान किसी छात्र के साथ कोई अनहोनी होती है तो इसकी जिम्मेदारी केंद्र सरकार की होगी। उन्होंने दावा किया कि सरकार के कार्यकाल में 152 पेपर लीक के मामले सामने आए, लेकिन दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि इससे युवाओं का परीक्षा व्यवस्था और सिस्टम पर भरोसा कमजोर हुआ है।
प्रियंका गांधी का यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस संदेश के बाद आया, जिसमें उन्होंने युवाओं के भविष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए पेपर लीक के मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया था।
@MUSKAN KUMARI





