पटना: अपराध नियंत्रण और जन-जागरूकता बढ़ाने के साथ पुलिस और आम जनता के बीच आपसी विश्वास मजबूत करने के लिए बिहार पुलिस ने सामुदायिक पुलिसिंग (Community Policing) को प्रभावी बनाने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत पुलिस और समुदाय के बीच लगातार संवाद, सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान और स्थानीय समस्याओं के समाधान में जनता की भागीदारी बढ़ाई जाएगी।
सामुदायिक पुलिसिंग के तहत थाना और बीट स्तर पर नागरिकों से नियमित संवाद, नशा मुक्ति अभियान, बाल सुरक्षा और शैक्षणिक संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और वंचित व संवेदनशील वर्गों की सुरक्षा के लिए विशेष संपर्क अभियान भी चलाए जाएंगे। इसके अलावा साइबर अपराध, अफवाह नियंत्रण, सड़क सुरक्षा और भू-विवाद जैसे मुद्दों पर भी जागरूकता बढ़ाई जाएगी।

योजना के तहत प्रत्येक थाने में एक सामुदायिक पुलिस अधिकारी नामित किया जाएगा। बीट अधिकारी अपने क्षेत्र के प्रमुख लोगों, संवेदनशील स्थानों और महत्वपूर्ण संस्थानों का अपडेटेड रिकॉर्ड रखेंगे। थानों में ‘सामुदायिक पुलिसिंग पंजी’ भी संधारित किया जाएगा, जिसमें हर महीने की गतिविधियों और कार्यों का विवरण दर्ज होगा।
इस पूरी व्यवस्था की थाना, अनुमंडल और जिला स्तर पर नियमित समीक्षा की जाएगी। बेहतर प्रदर्शन करने वाले थानों, बीट अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को विभिन्न स्तरों पर पुरस्कृत और प्रोत्साहित किया जाएगा।
बिहार पुलिस का उद्देश्य पुलिस और जनता के बीच दूरी कम कर सुरक्षित, जागरूक और अपराध-मुक्त समाज के निर्माण में लोगों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है।
@MUSKAN KUMARI






