पटना: बिहार के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आपदा पीड़ितों की सेहत का ख्याल रखने के लिए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने राहत कार्य तेज कर दिए हैं। प्रभावित इलाकों के स्थानीय स्कूलों और पंचायत भवनों को अस्थायी स्वास्थ्य केंद्रों में तब्दील कर लोगों का इलाज शुरू किया गया है।
स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने बताया कि बाढ़ पीड़ितों की स्वास्थ्य सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आपदा की इस घड़ी में किसी भी व्यक्ति को चिकित्सा सुविधाओं के अभाव का सामना न करना पड़े।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्राथमिक उपचार के साथ-साथ जीवन रक्षक दवाओं की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा डॉक्टरों और नर्सों की विशेष टीमों को भी राहत शिविरों में तैनात किया गया है। इन अस्थायी स्वास्थ्य केंद्रों में बुखार, संक्रमण और जलजनित बीमारियों के इलाज के लिए जरूरी चिकित्सा संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि शिविरों में आने वाले मरीजों को समय पर चिकित्सीय परामर्श और दवाएं दी जा रही हैं। स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त मेडिकल टीमों को भी प्रभावित क्षेत्रों में भेजा जाएगा।
सरकार का कहना है कि बाढ़ प्रभावित लोगों तक समय पर स्वास्थ्य सेवाएं और राहत पहुंचाने के लिए पूरा प्रशासन पूरी तत्परता के साथ काम कर रहा है।
@MUSKAN KUMARI





