पटना की प्रतिष्ठित बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए चुनाव प्रचार समाप्त हो गया है। अब 30 जुलाई को मतदाता अपने वोट से तय करेंगे कि इस हाई-प्रोफाइल मुकाबले में जीत किसकी होगी। इस उपचुनाव को बिहार की शहरी राजनीति, एनडीए सरकार की लोकप्रियता और विभिन्न दलों की राजनीतिक ताकत की बड़ी परीक्षा माना जा रहा है।
भाजपा के पूर्व विधायक और वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष नितिन नवीन के इस्तीफे के बाद यह सीट खाली हुई थी। इस चुनाव में भाजपा ने नीरज सिन्हा, राजद ने रेखा कुमारी उर्फ रेखा गुप्ता, जन सुराज ने अपने संस्थापक प्रशांत किशोर और राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (RLJP) ने तनवीर आलम को मैदान में उतारा है। तनवीर आलम ने भी पूरे चुनाव प्रचार के दौरान जनसंपर्क अभियान चलाकर स्थानीय मुद्दों, रोजगार, शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं को प्रमुखता से उठाया।

चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा ने विकास, कानून-व्यवस्था, मेट्रो और शहरी बुनियादी ढांचे को प्रमुख मुद्दा बनाया। राजद ने महंगाई, बेरोजगारी और नगर निगम की बदहाल व्यवस्था को लेकर सरकार को घेरा। जन सुराज ने भ्रष्टाचार, शिक्षा और व्यवस्था परिवर्तन को अपना एजेंडा बनाया, जबकि RLJP ने स्थानीय विकास, युवाओं के रोजगार और आम लोगों की समस्याओं को चुनावी मुद्दा बनाया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस उपचुनाव में मतदान प्रतिशत, शहरी मतदाताओं की भागीदारी और युवाओं का रुझान निर्णायक रहेगा। वहीं, भाजपा, राजद, जन सुराज के साथ RLJP उम्मीदवार तनवीर आलम का प्रदर्शन भी सभी की नजर में रहेगा, क्योंकि यह चुनाव आगामी बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दलों के लिए अहम संकेत देने वाला माना जा रहा है।
@MUSKAN KUMARI





