मुंगेर/ग्रेटर नोएडा: रोजी-रोटी की तलाश में बिहार से दूसरे राज्यों में काम करने गए मजदूरों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पश्चिम बंगाल के कोलकाता में निर्माणाधीन इमारत की छत गिरने से मुंगेर के तीन मजदूरों की मौत के कुछ ही दिन बाद अब उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में निर्माणाधीन भवन से गिरकर मुंगेर के एक राजमिस्त्री की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के बाद मृतक के गांव में शोक की लहर है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
यह हादसा ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-31 स्थित एक निर्माणाधीन इमारत में हुआ। मृतक की पहचान मुंगेर जिले के असरगंज थाना क्षेत्र निवासी 37 वर्षीय फंटूश यादव के रूप में हुई है। वह परिवार के भरण-पोषण के लिए ग्रेटर नोएडा में राजमिस्त्री का काम कर रहे थे। बताया जा रहा है कि काम के दौरान अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया और वे भवन की पांचवीं मंजिल से नीचे गिर पड़े। गिरने से उन्हें गंभीर चोटें आईं और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
फंटूश यादव अपने पीछे पत्नी, एक बेटी आरती कुमारी तथा दो बेटे अंकुश कुमार और अभिषेक कुमार को छोड़ गए हैं। जैसे ही उनका शव असरगंज के सती स्थान गांव पहुंचा, पूरे गांव में मातम छा गया। अंतिम दर्शन के दौरान परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया और हर आंख नम दिखाई दी।
ग्रामीणों और परिजनों का कहना है कि बिहार में रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं होने के कारण हजारों मजदूर रोजी-रोटी के लिए दूसरे राज्यों में जाने को मजबूर हैं। उनका आरोप है कि वहां उन्हें जोखिम भरे निर्माण कार्यों में लगाया जाता है, लेकिन सुरक्षा मानकों का पर्याप्त पालन नहीं किया जाता, जिसके कारण आए दिन ऐसे हादसे सामने आते हैं।

स्थानीय लोगों ने सरकार से मृतक के परिवार को उचित आर्थिक सहायता, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी तथा बच्चों की शिक्षा की व्यवस्था करने की मांग की है। साथ ही प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी नीति बनाने की अपील भी की है।
लगातार सामने आ रहे ऐसे हादसे एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर रहे हैं कि आखिर कब तक बिहार के मजदूर रोजी-रोटी की तलाश में दूसरे राज्यों का रुख करते रहेंगे और असुरक्षित परिस्थितियों में अपनी जान गंवाते रहेंगे।
@MUSKAN KUMARI





