नई दिल्ली: बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पवित्र मार्गेरिटा अयातुल्ला अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए ईरान जाएंगे। विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल अगले महीने तेहरान पहुंचकर अंतिम संस्कार समारोह में शामिल होगा।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अंतिम संस्कार में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण भेजा था। हालांकि, प्रधानमंत्री मोदी अपने पहले से निर्धारित इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के आधिकारिक विदेश दौरे के कारण इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाएंगे। ऐसे में भारत की ओर से उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ईरान जाएगा।
इससे पहले वर्ष 2024 में ईरान के तत्कालीन राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी और विदेश मंत्री हुसैन अमीर-अब्दुल्लाहियान की हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मृत्यु के बाद भारत की ओर से तत्कालीन उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ तेहरान जाकर श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे थे।
ईरान ने इस राजकीय अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए चीन, रूस, कतर, फ्रांस और पाकिस्तान सहित कई देशों के शीर्ष नेताओं और प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी पुष्टि की है कि उनके देश की ओर से एक आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल अंतिम संस्कार में शामिल होगा।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, 86 वर्षीय अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु के बाद अंतिम संस्कार कार्यक्रम 4 जुलाई से 9 जुलाई तक विभिन्न चरणों में आयोजित किया जाएगा। 4 और 5 जुलाई को उनके पार्थिव शरीर को तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला परिसर में आम लोगों के अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा, जबकि 6 जुलाई को राजधानी तेहरान में राजकीय अंतिम यात्रा निकाली जाएगी। इसके बाद 9 जुलाई को उनके गृह नगर मशहद में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। ईरानी प्रशासन को अंतिम विदाई में लाखों लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।
@MUSKAN KUMARI






