मोतिहारी के रिंकू पाठक पर EOU का शिकंजा, 3.56 करोड़ से अधिक की आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज; पांच ठिकानों पर छापेमारी
पटना/मोतिहारी: बिहार में आर्थिक अपराध और कथित अवैध संपत्ति के मामलों को लेकर आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने बड़ी कार्रवाई की है। मोतिहारी जिले के केसरिया निवासी रिंकू पाठक के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। जांच एजेंसी के अनुसार, उनकी ज्ञात आय से 3.56 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति अर्जित करने का मामला सामने आया है।
इस मामले में EOU की टीम ने पांच ठिकानों पर छापेमारी की। छापेमारी के दौरान 54 संपत्तियों से संबंधित दस्तावेज मिलने की जानकारी सामने आई है। जांच का दायरा केवल रिंकू पाठक तक सीमित नहीं है, बल्कि परिवार के सदस्यों के नाम पर अर्जित कथित संपत्तियों की भी पड़ताल की जा रही है।
सात साल पुराने रंगदारी के आरोपों से जुड़ी कहानी
इस मामले की पृष्ठभूमि करीब सात साल पुरानी बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, हैदराबाद की निर्माण कंपनी आरके इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड सहारसा में एक बड़े प्रोजेक्ट पर काम कर रही थी।
वर्ष 2018 में कंपनी के साइट इंचार्ज वी. श्रीहरि रेड्डी को दो अलग-अलग मोबाइल नंबरों से फोन आए। आरोप है कि एक कॉल करने वाले ने अपना नाम मुकेश पाठक बताया, जबकि दूसरे ने खुद को मुकेश पाठक का आदमी बताया।
कथित तौर पर दोनों की ओर से सहारसा में निर्माण कार्य जारी रखने के एवज में 80 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई। पैसे नहीं देने पर काम बंद कराने की धमकी भी दी गई। शुरुआत में निर्माण कंपनी ने इन धमकियों को गंभीरता से नहीं लिया और साइट पर काम जारी रखा।
इसके बाद कंपनी के मोबाइल नंबर पर व्हाट्सऐप ऑडियो कॉल के जरिए दोबारा धमकी मिलने की बात सामने आई। आरोप था कि रंगदारी की रकम जमा नहीं करने पर गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
परिवार के नाम पर संपत्तियों की जांच
मामले में एक और महत्वपूर्ण पहलू परिवार के सदस्यों के नाम पर संपत्तियां अर्जित करने के आरोपों से जुड़ा है। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, EOU की जांच में रिंकू पाठक की पत्नी, मां और पिता के नाम पर भी करोड़ों रुपये की संपत्तियों का पता चला है।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कभी परिवार के पास 15-16 कट्ठा जमीन थी, जबकि वर्तमान में परिवार के नाम पर करीब 60 संपत्तियां होने की बात कही जा रही है। इन संपत्तियों के स्रोत और खरीद में इस्तेमाल की गई रकम की जांच महत्वपूर्ण होगी।
राजनीतिक संबंधों को लेकर भी चर्चा
इस मामले में रिंकू पाठक के परिवार के राजनीतिक संबंधों का भी उल्लेख किया जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उनकी पत्नी नगर पंचायत की मुख्य पार्षद हैं और भाजपा की राजनीति में भी सक्रिय बताई जाती हैं।
हालांकि, राजनीतिक पद या किसी पार्टी से जुड़ाव अपने आप में किसी व्यक्ति के खिलाफ अपराध का प्रमाण नहीं है। जांच एजेंसी को संपत्तियों के स्रोत और कथित अनियमितताओं से जुड़े तथ्यों को कानूनी प्रक्रिया के तहत स्थापित करना होगा।
अब जांच में किन सवालों के जवाब तलाशे जाएंगे?
EOU की कार्रवाई के बाद कई अहम सवाल खड़े हो रहे हैं। कथित 54 संपत्तियों का वास्तविक मालिक कौन है? इन संपत्तियों की खरीद के लिए पैसा कहां से आया? परिवार के सदस्यों के नाम पर संपत्ति अर्जित करने के पीछे क्या कारण थे? और सात साल पुराने कथित रंगदारी प्रकरण का इस पूरे मामले से क्या संबंध है?
इन सभी सवालों के जवाब जांच पूरी होने और संबंधित दस्तावेजों की पुष्टि के बाद ही सामने आ सकेंगे।
Asian Times की नजर इस मामले की जांच और आगे होने वाली कानूनी कार्रवाई पर बनी रहेगी।
Author: Noida Desk
मुख्य संपादक (Editor in Chief)





