बिहार के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण और तकनीक आधारित शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने बड़ी पहल की है। सोमवार को मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के 700 सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल विद्यालयों में 24×7, 1:1 इंटरैक्टिव डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘बिहार विद्या साथी’ का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर सुपौल के समाहरणालय स्थित लहटन चौधरी सभागार में जिले के 15 मॉडल विद्यालयों के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और अधिकारियों ने कार्यक्रम में सहभागिता की।
‘बिहार विद्या साथी’ ऐप के माध्यम से कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों को दिन-रात निःशुल्क शिक्षक सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। पढ़ाई के दौरान किसी विषय या पाठ में परेशानी होने पर छात्र विशेषज्ञ शिक्षकों से जुड़कर अपनी शंकाओं का समाधान कर सकेंगे।
इस प्लेटफॉर्म के जरिए विद्यार्थियों को कोचिंग संस्थानों पर निर्भरता कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। छात्रों को अपनी पसंद के शिक्षक चुनने और अनलिमिटेड अध्ययन सामग्री का उपयोग करने की सुविधा भी दी जाएगी।

डिजिटल प्लेटफॉर्म में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स का उपयोग करते हुए कॉन्सेप्ट आधारित लर्निंग पर विशेष जोर दिया गया है, जिससे कठिन विषयों को भी आसान तरीके से समझने में सहायता मिल सके।
सुपौल में आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी सावन कुमार, उप विकास आयुक्त इन्द्रवीर कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी संग्राम सिंह और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी मणिभूषण कुमार समेत कई अधिकारी और शिक्षक मौजूद रहे।
अधिकारियों ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में डिजिटल तकनीक का समावेश विद्यार्थियों के लिए काफी लाभकारी साबित हो सकता है। विशेष रूप से विद्यालय के बाद अतिरिक्त शैक्षणिक सहायता की जरूरत वाले छात्रों को घर बैठे शिक्षक मार्गदर्शन मिलने से पढ़ाई और परीक्षाओं की तैयारी में सहूलियत होगी।
@MUSKAN KUMARI





